कानपुर: आंचल की मौत के मामले में सास निशा खरबंदा को हाईकोर्ट से मिली जमानत
आंचल की मौत के मामले में आंचल के पिता पवन ग्रोवर ने नजीराबाद थाने में पति सूर्यांश व सास निशा खरबंदा समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। निशा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
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कानपुर में आंचल की मौत के मामले में सास निशा खरबंदा को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। निजी मुचलका और दो जमानतें दाखिल करने पर उसकी जेल से रिहाई हो जाएगी। निशा और आंचल का पति सूर्यांश खरबंदा 21 नवंबर से जेल में बंद है। आंचल की 19 नवंबर 2021 को ससुराल में संदिग्ध हालात में फांसी पर लटकने से मौत हो गई थी।
आंचल के पिता पवन ग्रोवर ने नजीराबाद थाने में पति सूर्यांश व सास निशा खरबंदा समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि आंचल और सूर्यांश की शादी 9 फरवरी 2019 को हुई थी। दहेज में 70 लाख रुपये की मांग को लेकर ससुरालवालों ने मारपीट कर आंचल की हत्या कर दी। निशा की ओर से कोर्ट में तर्क रखा गया कि मामला दहेज हत्या का नहीं बल्कि आत्महत्या का है। आंचल अक्सर गाली-गलौज व झगड़ा करती थी। मोहल्लेवालों व घर की नौकरानियों के बयान से यह बात स्पष्ट है।
घटना के समय निशा और सूर्यांश घर पर नहीं थे। दोनों को 21 नवंबर को लखनऊ के होटल से गिरफ्तार किया गया था। निशा का आपराधिक इतिहास नहीं है। वह गंभीर बीमारियों से ग्रस्त है। आंचल की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा गया कि आंचल के लिखे दो पत्र पुलिस को सौंपे गए थे। इसमें प्रताड़ना का जिक्र है। गिरफ्तारी के समय होटल से पुलिस ने सूर्यांश के पास से 6 लाख 20 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अली जामिन ने जमानत का आधार पर्याप्त मानते हुए निशा को जमानत दे दी।