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ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत के बाद मचा हड़कंप, ओटी में शव बंद कर भागे डॉक्टर व कर्मी
Sat, 27 Jul 2019 10:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
यूपी डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 27 Jul 2019 10:47 PM IST
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ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई के कछौना कस्बे में संचालित अवैध नर्सिंग होम में शुक्रवार शाम ऑपरेशन से बच्ची होने के बाद प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। मामला तूल पकड़ता देख चिकित्सक व कर्मचारी महिला के शव को ओटी में बंद कर अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गए।
परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर शव कब्जे में लिया। शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर बच्ची की भी तबीयत बिगड़ गई और लखनऊ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। कछौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गैसिंहपुर निवासी विद्यावती (35) पत्नी ओमीचंद्र गर्भवती थी।
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परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर शव कब्जे में लिया। शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इधर बच्ची की भी तबीयत बिगड़ गई और लखनऊ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। कछौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गैसिंहपुर निवासी विद्यावती (35) पत्नी ओमीचंद्र गर्भवती थी।
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शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गांव की आशा बहू के साथ उसे कछौना ले गए। जहां पर आशा बहू के कहने पर एक प्राइवेट हास्पिटल में उसे भर्ती करा दिया। हास्पिटल के संचालक ने ऑपरेशन से प्रसव होने की बात कही। चिकित्सक ने महिला के परिजनों से 15 हजार रुपये जमा कराकर ऑपरेशन शुरू कर दिया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बच्चे को कर्मचारियों ने परिजनों को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान महिला की नस कटने से खून बह गया और उसकी मौत हो गई।
काफी देर तक चिकित्सक ने परिजनों को जानकारी नहीं दी। देर रात मौत की सूचना दी। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। माहौल बिगड़ता देखकर संचालक व कर्मचारी महिला के शव को ओटी में बंद कर अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गए। पुलिस ने ताला तोड़कर शव को कब्जे में लिया।
काफी देर तक चिकित्सक ने परिजनों को जानकारी नहीं दी। देर रात मौत की सूचना दी। इससे गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया। माहौल बिगड़ता देखकर संचालक व कर्मचारी महिला के शव को ओटी में बंद कर अस्पताल में ताला डालकर फरार हो गए। पुलिस ने ताला तोड़कर शव को कब्जे में लिया।
इधर रात में नवजात की भी तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने उसे रात में सीएचसी में भर्ती कराया। शनिवार सुबह चिकित्सक ने बच्ची को लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लखनऊ ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजन बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़े रहे। कछौना पुलिस ने परिजनों को शहर कोतवाली जाने की सलाह देकर जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। कोतवाल राय सिंह ने बताया परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है।
आठ घंटे ओटी में बंद रहा महिला का शव
कछौना। ऑपरेशन के कुछही देर बाद महिला की मौत हो गई थी। चिकित्सक ने मानवता को तार-तार कर परिजनों को महिला की मौत की खबर नहीं दी। किसी तरह परिजनों को भनक लगने पर चिकित्सक ने दबाव में आकर सूचना दी। जिस पर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चिकित्सक व कर्मचारी महिला के शव को ओटी में बंद कर भाग गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। तब तक पुलिस पहुंची महिला के शव को ओटी में बंद हुए आठ घंटा बीत चुका था।
एडिशनल सीएमओ ने नर्सिंग होम को बताया था अवैध
कछौना। एडिशनल सीएमओ ने 23 अप्रैल को कस्बा में संचालित नर्सिंग होमों पर छापा मारा था। इस दौरान एसीएसओ को उक्त हास्पिटल बिना पंजीकरण के संचालित होते मिला था। इस पर एसीएमओ ने कोतवाली में पत्र भेजकर अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। कार्रवाई न होने के कारण अस्पताल चलता रहा और लापरवाही में ही प्रसूता की मौत हो गई।
आठ घंटे ओटी में बंद रहा महिला का शव
कछौना। ऑपरेशन के कुछही देर बाद महिला की मौत हो गई थी। चिकित्सक ने मानवता को तार-तार कर परिजनों को महिला की मौत की खबर नहीं दी। किसी तरह परिजनों को भनक लगने पर चिकित्सक ने दबाव में आकर सूचना दी। जिस पर परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चिकित्सक व कर्मचारी महिला के शव को ओटी में बंद कर भाग गए। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। तब तक पुलिस पहुंची महिला के शव को ओटी में बंद हुए आठ घंटा बीत चुका था।
एडिशनल सीएमओ ने नर्सिंग होम को बताया था अवैध
कछौना। एडिशनल सीएमओ ने 23 अप्रैल को कस्बा में संचालित नर्सिंग होमों पर छापा मारा था। इस दौरान एसीएसओ को उक्त हास्पिटल बिना पंजीकरण के संचालित होते मिला था। इस पर एसीएमओ ने कोतवाली में पत्र भेजकर अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। कार्रवाई न होने के कारण अस्पताल चलता रहा और लापरवाही में ही प्रसूता की मौत हो गई।