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प्रदेशभर में 500 से अधिक लोगों से 50 करोड़ से अधिक की ठगी, क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा
Thu, 28 Jan 2021 02:44 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 28 Jan 2021 02:44 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
रकम दो गुना करने के नाम पर ठगी करने वाली कंपनी ने कानपुर समेत पूरे प्रदेश में पांच सौ से अधिक लोगों को शिकार बनाया है। तकरीबन पचास करोड़ की ठगी की है। इसका खुलासा क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ है।
पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम अभी और बढ़ने की आशंका है। कानपुर के सौ पीड़ितों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। कर्नलगंज थाने में 29 नवंबर 2019 को डीपियर्स एलाइड कंपनी के खिलाफ कमल दुबे ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
आरोप था कि कंपनी ने चार साल में रकम दोगुना करने का झांसा देकर एक दर्जन से अधिक लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई है। कुछ समय पहले ही जांच क्राइम ब्रांच ट्रांसफर हुई है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रामबाबू ने बताया कि कंपनी के सभी लोग ठगी का गिरोह चलाते हैं। इ
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सी तरह से कानपुर के अलावा एनसीआर, रामपुर और पश्चिम यूपी में भी ठगी की है। रामपुर समेत कई अन्य जिलों में कंपनी पर एफआईआर भी दर्ज हैं। अभी तक की तफ्तीश के मुताबिक आरोपी पांच सौ से अधिक लोगों को शिकार बना चुके हैं, जिनसे पचास करोड़ की ठगी की है। इसके पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
पांच आरोपी चिह्नित
क्राइम ब्रांच ने कंपनी के पांच लोगों को चिह्नित कर लिया है। ये सभी आरोपी बनाए गए हैं। दस्तावेजों पर दिया गया इनका पता फर्जी पाया गया। हालांकि क्राइम ब्रांच की टीम ने उनका सही पता भी खोज निकाला है। ये सभी लखनऊ के रहने वाले हैं। कुछ प्रक्रिया बाकी है। जिनको पूरा करने के बाद क्राइम ब्रांच इनकी गिरफ्तारी करेगी।
एग्रीमेंट में लगाए फर्जी कागजात
ठगी करने वाला शातिर गिरोह है। जिस शहर में ठगी करनी होती है वहां पर ये कंपनी के नाम से एक दफ्तर खोलते हैं, जिसमें अपने नाम व पते फर्जी लगाते हैं। क्राइम ब्रांच ने जब तफ्तीश की तो खुलासा हुआ कि रेंट एग्रीमेंट आदि में भी इन सभी ने फर्जी कागजात बनाए थे। इसलिए अब केस में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत कई अन्य धाराएं बढ़ाई हैं।
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पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम अभी और बढ़ने की आशंका है। कानपुर के सौ पीड़ितों के बयान भी दर्ज हो चुके हैं। कर्नलगंज थाने में 29 नवंबर 2019 को डीपियर्स एलाइड कंपनी के खिलाफ कमल दुबे ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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आरोप था कि कंपनी ने चार साल में रकम दोगुना करने का झांसा देकर एक दर्जन से अधिक लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई है। कुछ समय पहले ही जांच क्राइम ब्रांच ट्रांसफर हुई है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर रामबाबू ने बताया कि कंपनी के सभी लोग ठगी का गिरोह चलाते हैं। इ
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सी तरह से कानपुर के अलावा एनसीआर, रामपुर और पश्चिम यूपी में भी ठगी की है। रामपुर समेत कई अन्य जिलों में कंपनी पर एफआईआर भी दर्ज हैं। अभी तक की तफ्तीश के मुताबिक आरोपी पांच सौ से अधिक लोगों को शिकार बना चुके हैं, जिनसे पचास करोड़ की ठगी की है। इसके पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
पांच आरोपी चिह्नित
क्राइम ब्रांच ने कंपनी के पांच लोगों को चिह्नित कर लिया है। ये सभी आरोपी बनाए गए हैं। दस्तावेजों पर दिया गया इनका पता फर्जी पाया गया। हालांकि क्राइम ब्रांच की टीम ने उनका सही पता भी खोज निकाला है। ये सभी लखनऊ के रहने वाले हैं। कुछ प्रक्रिया बाकी है। जिनको पूरा करने के बाद क्राइम ब्रांच इनकी गिरफ्तारी करेगी।
एग्रीमेंट में लगाए फर्जी कागजात
ठगी करने वाला शातिर गिरोह है। जिस शहर में ठगी करनी होती है वहां पर ये कंपनी के नाम से एक दफ्तर खोलते हैं, जिसमें अपने नाम व पते फर्जी लगाते हैं। क्राइम ब्रांच ने जब तफ्तीश की तो खुलासा हुआ कि रेंट एग्रीमेंट आदि में भी इन सभी ने फर्जी कागजात बनाए थे। इसलिए अब केस में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत कई अन्य धाराएं बढ़ाई हैं।