यूपी: MLA Irfan Solanki! अशरफ के आधार पर खड़ी हुई थी फरारी की बुनियाद, पुलिस ने बनाई सबूतों और गवाहों की कड़ी
Kanpur News: चार्जशीट में आरोप है कि नूरी, अम्मार व इशरत ने इरफान को कानपुर से दिल्ली पहुंचाने में मदद की। अशरफ ने फरार होने में मदद की। अनवर व अख्तर लियाकत मंसूरी ने अपने घर पर रोकने व किसी कंप्यूटर वाले से फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद की।
विस्तार
कानपुर में जाजमऊ आगजनी मामले में फरारी के दौरान सपा विधायक इरफान सोलंकी ने एक और मुसीबत फर्जी आधार कार्ड बनवाकर ले ली थी। अशरफ के आधार कार्ड पर अपनी फोटो लगाकर उन्होंने दिल्ली से मुंबई तक फ्लाइट से यात्रा की थी। इस पूरे प्रकरण में नूरी शौकत के परिवार ने इरफान की मदद की थी।
साथ ही, मुंबई में रहने वाले उसके सालों ने भी साथ दिया था। इसका खुलासा फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज हुए मुकदमे में विवेचना के बाद पुलिस की चार्जशीट से हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सबूतों और गवाहों की ऐसी मजबूत कड़ी बनाई है, जिसे तोड़ पाना आसान नहीं होगा।
चार्जशीट में कहा गया है कि इरफान के साले अनवर व अख्तर लियाकत मंसूरी की सलाह पर इरफान अपने मिलने वाली नूरी शौकत के ब्यूटी पार्लर गए। यहां नूरी के अलावा अशरफ अली, इशरत व अम्मार इलाही मिले। यहीं पर अनवर व अख्तर के बताए गए किसी कैफे में काम करने वाले को बुलाया गया।
यूपी 78 जीयू 8655 नंबर की गाड़ी से छोड़ा था दिल्ली एयरपोर्ट
सबने मिलकर उसके लैपटॉप पर इरफान का फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इस पर फोटो इरफान की और बाकी विवरण अशरफ का था। अम्मार अपने परिचित अब्दुल हम्मीद खान से 10 नवंबर 2022 को गाड़ी नंबर यूपी 78 जीयू 8655 मांगकर लाया था। इसी गाड़ी से इरफान को दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ा गया था।
सीसीटीवी फुटेज में भी साफ दिखाई दी है गाड़ी
दिल्ली जाने के बीच नोएडा में 10 नवंबर की रात इरफान होटल हैप्पी स्टे में रुके थे। होटल मैनेजर आकाश चौधरी ने इरफान की फोटो देखकर इसकी पुष्टि की है। 11 नवंबर को सुबह होटल से निकलकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में भी गाड़ी साफ दिखाई दी है। प्रवेश द्वार से अंदर जाते इरफान दिखाई दिए हैं।
मलाड स्थित राहब बिल्डिंग गए थे इरफान
मुंबई एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय भी इरफान सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए। एयरपोर्ट से बाहर निकलकर इरफान ऑटो से ईस्ट मुंबई के डिढोसी मलाड स्थित राहब बिल्डिंग गए थे। इरफान को ऑटो से छोड़ने वाले जौनपुर के मछलीशहर निवासी ऑटो चालक देवी प्रसाद मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है।
इरफान की मदद पड़ी भारी
चार्जशीट में आरोप है कि नूरी, अम्मार व इशरत ने इरफान को कानपुर से दिल्ली पहुंचाने में मदद की। अशरफ ने फरार होने में मदद की। अनवर व अख्तर लियाकत मंसूरी ने अपने घर पर रोकने व किसी कंप्यूटर वाले से फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद की। इन मददगारों को भी अब मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।
सीसीटीवी फुटेज व सीडीआर अहम
विवेचना में सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण साबित हुई है। घटना के दिन पुलिस को इरफान व अन्य अभियुक्तों की कॉल डिटेल देखने पर सभी का लोकेशन ग्वालटोली में मिली थी। 10 नवंबर 2022 को गाड़ी नंबर यूपी 78 जीयू 8655 कानपुर से नोएडा गई थी। इसकी पुष्टि कानपुर से नोएडा तक पड़ने वाले टोल प्लाजा से मिले फुटेज से हुई है। इसके अलावा एयरपोर्ट से मिले फुटेज ने अहम भूमिका निभाई है।
फाल्कॉन ब्यूटी सलून बना षड्यंत्र का अड्डा
नूरी के फ्लैट के नीचे बने फाल्कॉन ब्यूटी सलून में ही इरफान को भगाने की साजिश बनी थी। यहीं पर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया। इसे बनाने की कोशिश में कई कार्ड खराब भी हुए थे। खराब कार्ड के टुकड़े पार्लर में ही लिफाफे के अंदर रखकर छिपा दिए गए थे। इशरत की निशानदेही पर पुलिस ने लिफाफा बरामद किया था।
आधार कार्ड का नंबर अशरफ का था
इसमें फटे हुए आधार कार्ड के आठ टुकड़े रखे थे। इन्हें जोड़ने के बाद दो आधार कार्ड बने थे। इसमें अशरफ का विवरण और इरफान की फोटो थी। एक में इरफान की धुंधली फोटो थी, लेकिन दूसरे में साफ फोटो थी। आधार कार्ड का नंबर अशरफ का था। पूछताछ में इशरत ने बताया था कि दो दिसंबर की सुबह इरफान ने यह कार्ड उसे रखने के लिए दिया था।