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Irfan Solanki: विधायक ने मेरी जमीन पर कब्जा कराया, बनवा दी दुकानें, पुलिस देखती रही, सामने आई खाकी की लापरवाही

Tue, 27 Dec 2022 10:45 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 27 Dec 2022 10:45 AM IST
सार

प्लॉट में आगजनी, फर्जी आधार कार्ड से हवाई सफर और बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान के परिवार को भारतीय होने का प्रमाणपत्र देने के मामले में फंसे सपा विधायक इरफान सोलंकी के साथ चकेरी पुलिस की मिलीभगत सामने आ रही है।

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MLA Irfan Solanki: Chakeri police did not take action against Irfan
इरफान सोलंकी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विधायक इरफान के रसूख के सामने चकेरी पुलिस नतमस्तक रही। जमीन पर कब्जा होने व उस पर दुकानों के निर्माण होने की चकेरी पुलिस को जानकारी थी। पीड़ित ने लिखित शिकायत की थी। प्रशासनिक अफसरों के पास भी जाकर गुहार लगाई थी लेकिन तब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई थी।

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अब जब विधायक आगजनी व अन्य केसों में फंसे तब पुलिस जागी और पुरानी शिकायतों पर केस दर्ज करना शुरू किया। चकेरी थाने में तैनात रहे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की पोल खुद पुलिस की कार्रवाई से खुल रही है। विमल कुमार ने बताया कि फरवरी 2022 से आरोपियों ने जमीन कब्जा करने का प्रयास शुरू किया था। विमल के मुताबिक चकेरी पुलिस से शिकायत की थी। जांच हुई थी। पता था कि विधायक इरफान की शह पर हाजी वसी, शाहिद लारी व कमर आलम जमीन कब्जा कर रहा है लेकिन कार्रवाई करने की जहमत पुलिस ने नहीं उठाई थी।

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विमल का कहना है कि तब पुलिस ने कहा था कि पता है कि विधायक का मामला है तो ऐसे कैसे कार्रवाई होगी। पुलिस के खेल का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है।

हाजी वसी का बेटा भी फंसेगा 
विमल ने बताया कि आरोपियों ने जमीन पर कब्जा कर दुकानों का निर्माण कराया गया है। 26 अप्रैल को हाजी वसी के बेटे अब्दुल रहमान ने कमर आलम के दोनों बेटों के नाम पर इन दुकानों की रजिस्ट्री कर दी। विमल ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। विवेचना के दौरान पुलिस अब्दुल रहमान व कमर के बेटों पर भी शिकंजा कसेगी। ये भी आरोपी बनाए जाने तय हैं।

दुकानें सील हुईं, ध्वस्तीकरण आदेश हुआ लेकिन कार्रवाई नहीं की
विमल ने बताया कि शिकायत पर केडीए ने जांच की थी। जांच पूरी होने के बाद 12 जून 2022 को केडीए ने दुकानों को सील कर दिया था। ध्वस्तीकरण का आदेश भी जारी हुआ लेकिन आज तक ध्वस्त नहीं किया गया। विमल का कहना है कि केडीए के कई अफसरों की विधायक व बिल्डरों से सांठगांठ है। इसलिए उन्होंने कागजों पर तो कार्रवाई कर दी थी लेकिन जमीन पर नहीं की। इसके पीछे की वजह विधायक इरफान सोलंकी थे। 
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