{"_id":"5dbca3438ebc3e01767f6f21","slug":"minister-sadhvi-niranjan-jyoti-arrived-late-and-said-stop-the-moving-train","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति देर से पहुंचीं, बोलीं- चलती ट्रेन रुकवाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति देर से पहुंचीं, बोलीं- चलती ट्रेन रुकवाओ
Sat, 02 Nov 2019 02:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 02 Nov 2019 02:57 AM IST
विज्ञापन
साध्वी निरंजन ज्योति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेंट्रल स्टेशन पर मंगलवार को देर से पहुंची केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने छूट चुकी श्रमशक्ति एक्सप्रेस को रुकवाने का प्रयास किया।
विज्ञापन
ट्रेन रोकने में असमर्थता जताने पर उन्होंने ट्रेन के गार्ड और आरपीएफ के जवान के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में उन्होंने लिखवाया है कि गार्ड बोला कि, ‘तुम्हारे जैसे मंत्री बहुत देखे हैं’। हालांकि इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
29 अक्तूबर को ट्रेन सेंट्रल स्टेशन पर अपने निर्धारित समय से नौ मिनट की देरी से रात के 11:54 बजे छूटी थी। इसी ट्रेन से फतेहपुर की सांसद और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को दिल्ली जाना था। उनके सेंट्रल स्टेशन पहुंचने में देर हो गई। जब वह स्टेशन पहुंचीं तो ट्रेन छूट रही थी।
विज्ञापन
उनके सहायक राजेंद्र निषाद ने दौड़कर गार्ड से ट्रेन को रोकने को कहा। एस्कॉर्ट में चल रहे आरपीएफ के जवान से ट्रेन रुकवाने को कहा। दोनों ने हाथ खड़े कर दिए और मंत्री जी की ट्रेन छूट गई।
इस पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने डिप्टी एसएस ऑफिस में शिकायत पुस्तिका में गार्ड और जवान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में यह भी दर्शाया कि ट्रेन छूट चुकी थी और ट्रेन रोकने को कहने पर गार्ड ने उनसे यह बात कही कि बहुत से मंत्री देखे हैं।
अब इस मामले की जांच आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त आरएन पांडेय कर रहे हैं। रेलवे एक्ट के मुताबिक बिना इमरजेंसी किसी भी ट्रेन को सामान्य परिस्थितियों में किसी भी वीआईपी के लिए नहीं रोका जा सकता है।