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खनन का खेल: 28 दिनों में अफसरों की तीसरी नाप, दो लाख घन मीटर मौरंग निकली कम, 18 अधिकारी कर्मचारी फंसे, छह निलंबित
Thu, 19 Aug 2021 03:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 19 Aug 2021 03:55 PM IST
सार
सदर व खागा के तहसीलदारों के खिलाफ भी विभागीय जांच संतुति की गई है, जबकि तत्कालीन खनिज निरीक्षक अजीत पांडेय व नायब तहसीलदार बिंदकी सिद्धान्त कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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अवैध मौरंग खनन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फतेहपुर में निरीक्षण में क्षमता से अधिक मिले 13 मौरंग डंपों में 11 को जांच में क्लीन चिट मिल गई। वहीं इन डंपों को मानक के अनुरूप ना होने की रिपोर्ट देने वाले कुल 18 अधिकारी और कर्मचारी फंसे हैं। छह पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जिले में मौरंग डंप के लिए मई माह में 34 लाइसेंस जारी हुए थे। जून महीने में डंप चालू किए जाने से पहले मानक के अनुरूप डंप की जांच के आदेश हुए थे।
जिसके बाद 1 और 3 जुलाई को पहली बार तहसीलदार की टीम के कानूनगो और लेखपालों ने 13 मौरंग डंप को अवैध करार दिया था। नाप में 5 लाख19 हजार 500 घन मीटर मोरंग होने की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गई थी। इसी के आधार पर मानक से कई गुना डंप में मौरंग डंप होने का आरोप लगाया था, तभी इन डंप को प्रशासन ने 13 करोड़ की नोटिस भेजकर डंप उठाने पर रोक लगा दी थी।
कुछ डंप मालिकों ने दोबारा नाप कराए जाने की मांग की। दोबारा 19 और 25 जुलाई को जांच की गई। जिसमें 11 मौरंग भंडारण सही पाए गए। मामला विवादित हो जाने के कारण खनन निदेशालय की टीम ने तीसरी जांच 27 और 28 जुलाई की गई। दूसरी और तीसरी जांच एक समान पाई गई। दूसरी और तीसरी जांच में 3 लाख 56 हजार 403 घन मीटर मोरंग पाई गई। जिसके बाद डीएम अपूर्वा दुबे ने कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिराई है।
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तत्कालीन खान निरीक्षक, तहसीलदारों समेत 18 फंसे
सदर व खागा के तहसीलदारों के खिलाफ भी विभागीय जांच संतुति की गई है, जबकि तत्कालीन खनिज निरीक्षक अजीत पांडेय व नायब तहसीलदार बिंदकी सिद्धान्त कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सदर तहसील क्षेत्र से निलंबित छह राजस्वकर्मी में दतौली की लेखपाल सोनी देवी, ललौली के लेखपाल गिरजाशंकर, जमेनी के लेखपाल कंधई पाल, महना के लेखपाल राहुल सिंह व महना के कानूनगो राजेन्द्र प्रसाद सिंह, ललौली दतौली जमेनी के कानूनगो राजबहादुर मौर्य पर कार्रवाई की गाज गिरी है।
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जिसके बाद 1 और 3 जुलाई को पहली बार तहसीलदार की टीम के कानूनगो और लेखपालों ने 13 मौरंग डंप को अवैध करार दिया था। नाप में 5 लाख19 हजार 500 घन मीटर मोरंग होने की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी गई थी। इसी के आधार पर मानक से कई गुना डंप में मौरंग डंप होने का आरोप लगाया था, तभी इन डंप को प्रशासन ने 13 करोड़ की नोटिस भेजकर डंप उठाने पर रोक लगा दी थी।
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कुछ डंप मालिकों ने दोबारा नाप कराए जाने की मांग की। दोबारा 19 और 25 जुलाई को जांच की गई। जिसमें 11 मौरंग भंडारण सही पाए गए। मामला विवादित हो जाने के कारण खनन निदेशालय की टीम ने तीसरी जांच 27 और 28 जुलाई की गई। दूसरी और तीसरी जांच एक समान पाई गई। दूसरी और तीसरी जांच में 3 लाख 56 हजार 403 घन मीटर मोरंग पाई गई। जिसके बाद डीएम अपूर्वा दुबे ने कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिराई है।
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तत्कालीन खान निरीक्षक, तहसीलदारों समेत 18 फंसे
सदर व खागा के तहसीलदारों के खिलाफ भी विभागीय जांच संतुति की गई है, जबकि तत्कालीन खनिज निरीक्षक अजीत पांडेय व नायब तहसीलदार बिंदकी सिद्धान्त कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सदर तहसील क्षेत्र से निलंबित छह राजस्वकर्मी में दतौली की लेखपाल सोनी देवी, ललौली के लेखपाल गिरजाशंकर, जमेनी के लेखपाल कंधई पाल, महना के लेखपाल राहुल सिंह व महना के कानूनगो राजेन्द्र प्रसाद सिंह, ललौली दतौली जमेनी के कानूनगो राजबहादुर मौर्य पर कार्रवाई की गाज गिरी है।
बिंदकी तहसील क्षेत्र के याकूबपुर व शिवरी के लेखपाल कुलदीप कुमार व अतुल सिंह पर विभागीय कार्रवाई और कानूनगो अनेक सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है। खागा तहसील क्षेत्र के पांच राजस्वकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है जिसमें रामपुर द्वितीय के लेखपाल ब्रजेश सिंह व कानूनगो कुलदीप शामिल हैं, कबरा क्षेत्र के लेखपाल मिथुन व बैरी क्षेत्र के लेखपाल गंगा सिंह, बैरी व कबरा क्षेत्र के कानूनगो शिवराम शामिल हैं।
खनन निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि 14 राजस्वकर्मियों पर नाप की गलत रिपोर्ट देने का आरोप है। तभी उन पर डीएम के द्वारा कार्रवाई की गई है। जिन क्षेत्रों में मात्रा के आकलन में अधिक अंतर नहीं था। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
13 करोड़ की नोटिस से मचा था हड़कंप सिर्फ दो डंप निरस्त
पहली जांच में मानक विहीन 13 डंप संचालको को नोटिस भेजी गई थी। सवाल उठता है कि इनमें 11 डंप एकदम मानक अनुरूप हो गए। जबकि उन्हीं लेखपाल कानूनगो द्वारा नाप के दो डंप मानक विहीन पाए गए। भंडारण क्षेत्र में न तो कैमरे और न ही उन्होने एमएम 11 को ऑनलाइन अपलोड किया था। खागा क्षेत्र के प्रेमचन्द्र केशरवानी व मनीष राय का भंडारण लाइसेंस निरस्त कर हुए हैं। उनकी मौरंग भी विभाग द्वारा सीज की है। जबकि कैमरे न लगे होने पर 11 भंडारण को पांच- पांच लाख का जुर्माना लगाया है।
खनन निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि 14 राजस्वकर्मियों पर नाप की गलत रिपोर्ट देने का आरोप है। तभी उन पर डीएम के द्वारा कार्रवाई की गई है। जिन क्षेत्रों में मात्रा के आकलन में अधिक अंतर नहीं था। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
13 करोड़ की नोटिस से मचा था हड़कंप सिर्फ दो डंप निरस्त
पहली जांच में मानक विहीन 13 डंप संचालको को नोटिस भेजी गई थी। सवाल उठता है कि इनमें 11 डंप एकदम मानक अनुरूप हो गए। जबकि उन्हीं लेखपाल कानूनगो द्वारा नाप के दो डंप मानक विहीन पाए गए। भंडारण क्षेत्र में न तो कैमरे और न ही उन्होने एमएम 11 को ऑनलाइन अपलोड किया था। खागा क्षेत्र के प्रेमचन्द्र केशरवानी व मनीष राय का भंडारण लाइसेंस निरस्त कर हुए हैं। उनकी मौरंग भी विभाग द्वारा सीज की है। जबकि कैमरे न लगे होने पर 11 भंडारण को पांच- पांच लाख का जुर्माना लगाया है।