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खनन का खेल: कानपुर में माफिया ने गंगा किनारे खोद डाले मौत के गड्ढे
Sat, 14 Mar 2020 03:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 14 Mar 2020 03:46 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के शिवराजपुर क्षेत्र में माफिया ने गंगा घाटों के किनारे भी खनन करके बड़ी-बड़ी खाईं बना दी हैं। घाट के एकदम किनारे खाई का अंदाजा न होेने से ही होली वाले दिन यहां नहाने पहुंचे तीन छात्र डूब गए। चौथे दिन शुक्रवार को एक छात्र सचिन वर्मा (28) का शव बरामद हुआ। दो छात्रों का अभी पता नहीं चला है।
कल्याणपुर के मसवानपुर निवासी रमाकांत वर्मा की कल्याणपुर में ज्वैलर्स की दुकान है। रमाकांत ने बताया कि उनका बेटा सचिन भी दुकान में उनका हाथ बंटाता था। होली वाले दिन रंग खेलने के बाद वह अपने दोस्त दिव्यमणि, सुशील वर्मा, नरेश वर्मा और सर्वेश मिश्रा के साथ खेेरेश्वर घाट गया था। यहां सचिन, सुशील और दिव्यमणि डूब गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और डूबने से बचे दो दोस्तों ने बताया था कि वे लोग तो एकदम किनारे नहा रहे थे। एक-दो कदम बढ़ाते ही गहरी खाई में चले गए। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया ने जब पानी नहीं था तब गंगा के किनारे-किनारे भी जमकर खनन कराया था। अब गंगा में पानी आने के बाद यही गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।
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इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
सचिन का शव शुक्रवार खेरेश्वर घाट से 100 मीटर दूर गंगा में उतराता मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। रमाकांत ने बताया कि सचिन तीन बहनों का इकलौता भाई था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। छोटी बहन डॉ. प्रीति वर्मा रामा डेंटल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। इकलौते भाई की मौत से तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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कल्याणपुर के मसवानपुर निवासी रमाकांत वर्मा की कल्याणपुर में ज्वैलर्स की दुकान है। रमाकांत ने बताया कि उनका बेटा सचिन भी दुकान में उनका हाथ बंटाता था। होली वाले दिन रंग खेलने के बाद वह अपने दोस्त दिव्यमणि, सुशील वर्मा, नरेश वर्मा और सर्वेश मिश्रा के साथ खेेरेश्वर घाट गया था। यहां सचिन, सुशील और दिव्यमणि डूब गए थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों और डूबने से बचे दो दोस्तों ने बताया था कि वे लोग तो एकदम किनारे नहा रहे थे। एक-दो कदम बढ़ाते ही गहरी खाई में चले गए। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया ने जब पानी नहीं था तब गंगा के किनारे-किनारे भी जमकर खनन कराया था। अब गंगा में पानी आने के बाद यही गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं।
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इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
सचिन का शव शुक्रवार खेरेश्वर घाट से 100 मीटर दूर गंगा में उतराता मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। रमाकांत ने बताया कि सचिन तीन बहनों का इकलौता भाई था। दो बहनों की शादी हो चुकी है। छोटी बहन डॉ. प्रीति वर्मा रामा डेंटल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। इकलौते भाई की मौत से तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।