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ट्रांसपोर्ट गोदामों में जलभराव से भीगा करोड़ों रुपए का कपड़ा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2020 07:48 PM IST
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millions of rupees worth of clothes drenched  by waterlogging in transport ware house
कानपुर। शहर में शनिवार को हुई जोरदार बारिश की वजह से ट्रांसपोर्ट नगर के परिवहन व्यवसायियों के गोदामों में पानी भर जाने से करोड़ों रुपये कीमत का कपड़ा भीग गया है। यह कपड़ा शहर के कारोबारियों का है जो देश के विभिन्न शहरों मुम्बई, सूरत, अहमदाबाद, भिलवारा, पाली, बड़ोदरा, पानीपत, लुधियाना से बुक कराया गया था। 22 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद से ये कपड़ा इन गोदामों में पड़ा हुआ है। बाजार और ट्रांसपोर्ट गोदाम न खुलने की वजह से ज्यादातर कपड़ा व्यवसायी अपने माल को ट्रांसपोर्ट कंपनियों से छुड़ा नहीं सके हैं। परेशानी की बात यह है कि परिवहन व्यवसाइयों को बिल्टी पर लगा भाड़ा तक नहीं मिला है। उत्तर प्रदेश युवा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम शुक्ला ने बताया कि गोदामों में जलभराव के बाद परिवहन व्यवसाइयों ने आपस में बात कर तकलीफें साझा कीं। पता चला कि एक एक ट्रांसपोर्टर के गोदाम में करोड़ों रुपये का कपड़ा पड़ा हुआ है। 22 मार्च के आसपास तीन से चार सौ ट्रक कपड़े की आवक हुई थी। इसकी भरपाई करनी पड़ी तो ट्रांसपोर्टरों के ट्रक बिक जाएंगे। इस कपड़े की कुल कीमत 200 करोड़ रुपए के आसपास है। गोदाम से पानी कम होने के बाद पता चलेगा कि कितना नुकसान हुआ। इन कारणों से माल छुड़ाने नहीं आए कपड़ा कारोबारी ट्रांसपोर्टर सौरभ सक्सेना ने बताया कि दरअसल ज्यादातर कपड़ा व्यवसायी ई वे बिल की तय समय सीमा में अपना माल नहीं छुड़वा पाए। कुछ कपड़ा कारोबारी माल को अपनी सहूलियत से छुड़वाते हैं और ट्रांसपोर्ट के भाड़े में ही महीनों तक गोदाम में ही माल पड़ा रहने देते हैं। इस कारण गोदाम खुलने के बाद भी माल लेने नहीं आए। इस नुकसान की भरपाई मुश्किल ट्रांसपोर्टर अजय गुप्ता बताते हैं कि व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के कारण वे ठीक से समय पर अपना भाड़ा भी नहीं वसूल पाते। ऐसे में माल महीनों गोदाम में ही पड़ा रहता है। हालांकि इस बार लॉकडाउन की वजह से ऐसा हुआ। भाड़े से अधिक गोदाम का किराया, बिजली खर्च, मज़दूरों का रहने का खर्च आदि का भुगतान करना पड़ा। अब गोदाम में भीगे कपड़े के नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी।
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