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सस्ते ब्याज दर पर कर्ज से लें गाय और भैंस
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पुखरायां (कानपुर देहात)। दुग्ध व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए पशु पालकों को क्रेडिट कार्ड मुहैया कराए जाएंगे। उन्हें कृषि ऋण की तर्ज पर सस्ती ब्याज दर पर कर्ज दिया जाएगा। पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार यह व्यवस्था कर रही है।
इस योजना का लाभ दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय करने वालों को मिलेगा। इस योजना के तहत दो प्रकार की योजनाएं दी गई हैं। एक योजना में पशुपालक दो गाय या भैंस और दूसरी योजना में पांच गाय या पांच भैंस ले सकते हैं। पशुपालन क्रेडिट कार्ड जारी होगा। क्रेडिट कार्ड जारी होने के बाद ब्याज दर भी किसान क्रेडिट कार्ड के अनुरूप ही होगी। समय से जमा करने पर ब्याज में छूट भी मिलेगी। पशु क्रेडिट कार्ड जारी हो जाने के बाद पशुपालक को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा।
योजना के अंतर्गत व्यवसाय करने के लिए किसान को भूमि के अभिलेख सहित अन्य कागजात मुहैया कराने होंगे। इसमें कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। यह योजना सभी बैंकों में लागू की गई है। दो मवेशी के पालन के लिए दो लाख 12 हजार रुपये तक और पांच मवेशियों के पालन के लिए पांच लाख 50 हजार रुपये तक ऋण मुहैया कराया जाएगा। पशु पालन कार्ड से ऋण लेने पर उसका उपयोग सिर्फ पशु पालन के लिए ही किया जा सकेगा। आवेदन कर्ता यदि पशुपालन पहले से ही कर रहा है तो उसका ब्योरा भी देना होगा।
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आवेदन प्रारूप के साथ किसान क्रेडिट कार्ड में लगाए जाने वाले सभी कागजात संबंधित पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। वहां से आवेदन पत्रों को संबंधित बैंक की शाखाओं में भेजा जाएगा। जांच के बाद पशुपालन क्रेडिट कार्ड जारी करके ऋण मुहैया कराया जाएगा। मवेशियों को स्वस्थ्य रखने के लिए पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा टिप्स दिए जाएंगे। उनका बीमा भी किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिखारी डॉ. डीएम लवानिया ने बताया कि यह योजना आत्म निर्भर अभियान के तहत संचालित है। इसमें किसान क्रेटिड कार्ड की ही तरह सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके आवेदन जमा किए जाने लगे हैं।
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इस योजना का लाभ दुग्ध उत्पादन का व्यवसाय करने वालों को मिलेगा। इस योजना के तहत दो प्रकार की योजनाएं दी गई हैं। एक योजना में पशुपालक दो गाय या भैंस और दूसरी योजना में पांच गाय या पांच भैंस ले सकते हैं। पशुपालन क्रेडिट कार्ड जारी होगा। क्रेडिट कार्ड जारी होने के बाद ब्याज दर भी किसान क्रेडिट कार्ड के अनुरूप ही होगी। समय से जमा करने पर ब्याज में छूट भी मिलेगी। पशु क्रेडिट कार्ड जारी हो जाने के बाद पशुपालक को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा।
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योजना के अंतर्गत व्यवसाय करने के लिए किसान को भूमि के अभिलेख सहित अन्य कागजात मुहैया कराने होंगे। इसमें कृषि योग्य भूमि होना आवश्यक है। यह योजना सभी बैंकों में लागू की गई है। दो मवेशी के पालन के लिए दो लाख 12 हजार रुपये तक और पांच मवेशियों के पालन के लिए पांच लाख 50 हजार रुपये तक ऋण मुहैया कराया जाएगा। पशु पालन कार्ड से ऋण लेने पर उसका उपयोग सिर्फ पशु पालन के लिए ही किया जा सकेगा। आवेदन कर्ता यदि पशुपालन पहले से ही कर रहा है तो उसका ब्योरा भी देना होगा।
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आवेदन प्रारूप के साथ किसान क्रेडिट कार्ड में लगाए जाने वाले सभी कागजात संबंधित पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। वहां से आवेदन पत्रों को संबंधित बैंक की शाखाओं में भेजा जाएगा। जांच के बाद पशुपालन क्रेडिट कार्ड जारी करके ऋण मुहैया कराया जाएगा। मवेशियों को स्वस्थ्य रखने के लिए पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा टिप्स दिए जाएंगे। उनका बीमा भी किया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिखारी डॉ. डीएम लवानिया ने बताया कि यह योजना आत्म निर्भर अभियान के तहत संचालित है। इसमें किसान क्रेटिड कार्ड की ही तरह सुविधाएं मुहैया होंगी। इसके आवेदन जमा किए जाने लगे हैं।