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जरौली, बिल्हौर, बैराज तक मेट्रो
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
Updated Fri, 04 Mar 2016 01:05 AM IST
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कानपुर। शहर में प्रस्तावित मेट्रो रेल के निर्माण के दौरान जरौली, बिल्हौर, गंगा बैराज से भी कनेक्टिविटी का प्रावधान किया जाएगा।
केडीए अफसरों के अनुसार शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक शहर का विस्तार होता जा रहा है और वहां की आबादी भी लगातार बढ़ती जा रही है। भविष्य में वहां भी मेट्रो रेल संचालन की जरूरत पड़ेगी। इसके मद्देनजर मेट्रो के रूट नंबर एक (आईआईटी से नौबस्ता) के निर्माण के दौरान आईआईटी से बिल्हौर की तरफ के लिए और गुरुदेव चौराहे से गंगा बैराज की तरफ भविष्य में कनेक्टिविटी के लिए प्रावधान करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह रूट नंबर -2 (सीएसए से बर्रा-8) के निर्माण के दौरान इसे बर्रा-8 से बाईपास पार कराते हुए जरौली होते हुए और आगे ले जाने का प्रावधान किया जाएगा।
मेट्रो के लिए लेंगे विश्वबैंक से कर्ज
कानपुर। मेट्रो रेल परियोजना को पूरा करने में केंद्र सरकार से सहयोग राशि प्राप्त करने के साथ ही विश्व बैंक से भी कर्ज लिया जाएगा। प्रमुख सचिव (आवास) ने इस बाबत शहरी विकास मंत्रालय से लेकर केडीए वीसी तक को पत्र लिखा है।
प्रमुख सचिव (आवास) सदाकांत के अनुसार कानपुर और वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुचारु बनाने के लिए मेट्रो रेल परियोजना बनाई गई है। प्रमुख सचिव के अनुसार कानपुर मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्वयन पीपीपी पद्धति के रूप में होगा। धन के लिए केंद्र सरकार से इक्विटी सहभागिता के साथ 50:50 माडल को अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शेष धन के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से विश्व बैंक या अन्य विदेशी मद से कर्ज लिया जाएगा। इसके लिए विशेष कमेटी गठित की गई है।
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केडीए अफसरों के अनुसार शहर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक शहर का विस्तार होता जा रहा है और वहां की आबादी भी लगातार बढ़ती जा रही है। भविष्य में वहां भी मेट्रो रेल संचालन की जरूरत पड़ेगी। इसके मद्देनजर मेट्रो के रूट नंबर एक (आईआईटी से नौबस्ता) के निर्माण के दौरान आईआईटी से बिल्हौर की तरफ के लिए और गुरुदेव चौराहे से गंगा बैराज की तरफ भविष्य में कनेक्टिविटी के लिए प्रावधान करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह रूट नंबर -2 (सीएसए से बर्रा-8) के निर्माण के दौरान इसे बर्रा-8 से बाईपास पार कराते हुए जरौली होते हुए और आगे ले जाने का प्रावधान किया जाएगा।
मेट्रो के लिए लेंगे विश्वबैंक से कर्ज
कानपुर। मेट्रो रेल परियोजना को पूरा करने में केंद्र सरकार से सहयोग राशि प्राप्त करने के साथ ही विश्व बैंक से भी कर्ज लिया जाएगा। प्रमुख सचिव (आवास) ने इस बाबत शहरी विकास मंत्रालय से लेकर केडीए वीसी तक को पत्र लिखा है।
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प्रमुख सचिव (आवास) सदाकांत के अनुसार कानपुर और वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सुचारु बनाने के लिए मेट्रो रेल परियोजना बनाई गई है। प्रमुख सचिव के अनुसार कानपुर मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्वयन पीपीपी पद्धति के रूप में होगा। धन के लिए केंद्र सरकार से इक्विटी सहभागिता के साथ 50:50 माडल को अपनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त शेष धन के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से विश्व बैंक या अन्य विदेशी मद से कर्ज लिया जाएगा। इसके लिए विशेष कमेटी गठित की गई है।
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