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नापजोख का विरोध, अफसरों को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Sun, 31 Jan 2016 02:07 AM IST
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हसनपुर (आवास-विकास-1) में शनिवार को जमीन की नापजोख करने पहुंचे न्यायिक तहसीलदार और आवास - विकास के अफसरों के सामने एक ग्रामीण ने अपने कपड़े फाड़कर आत्मदाह की धमकी दी। ग्रामीणों के विरोध के चलते अफसर बैरंग लौट गए।
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तहसीलदार (न्यायिक) प्रमोद, आवास - विकास के अधिशासी अभियंता आरपी गुप्ता कर्मियों के साथ दोपहर में हसनपुर पहुंचे और वहां जय बाबा जलेश्वर वाटिका के बाहर पहुंचे और ग्रामीणों से जमीन के मालिकाना हक के बारे में वहां रहने वाले विजय प्रताप सिंह, अजय कुमार सिंह, कुंअरपाल यादव, छोटेलाल, सत्यनारायण, गंगाराम, रामसिंह आदि से पूछताछ करते हुए नापजोख के लिए फीता निकलवाया।
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कुंअरपाल यादव उक्त जमीन को अपने परिवार की पैतृक संपत्ति बताते हुए नापजोख का विरोध करने लगा। उसने अपने कपड़े फाड़ लिए और मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने की धमकी दी। अन्य लोग भी विरोध करने लगे। बवाल होता देख अफसर लौट गए।
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उधर, तहसीलदार (न्यायिक) ने बताया कि हसनपुर के ही श्याम नारायण ने वहां अपनी जमीन होने का दावा किया था। एडीएम के निर्देश पर वह आवास विकास के अफसरों के साथ नापजोख करने पहुंचे, पर कोई स्थाई पुराना चिन्ह न मिलने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। उन्होंने वहां किसी द्वारा कपड़े फाड़ने, धमकी देने से इनकार किया।