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आखिरी दिन छलका दर्द: महापौर को मंदिरों का जीर्णोद्धार न करा पाने का मलाल, फिर चुनाव लड़ने की जताई इच्छा
Mon, 23 Jan 2023 10:26 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Mon, 23 Jan 2023 10:26 PM IST
सार
महापौर ने कहा कि स्वरूपनगर में महिला मार्केट और चाचा नेहरू अस्पताल समेत कई ऐसे कार्य थे जो नहीं हो सके, पर उन्हें इसका पछतावा नहीं है। चट्टे हटाने का दावा किया। यह भी कहा कि जो बाकी बचे हैं दोबारा आएंगे तो फिर हटाएंगे। उन्होंने दोबारा महापौर का चुनाव लड़ने की भी इच्छा जताई।
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कार्यकाल के अंतिम दिन पत्रकारों से मुखातिब मेयर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में महापौर प्रमिला पांडेय ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिन सोमवार को मंदिरों का जीर्णोद्धार न हो पाने का मलाल होने की बात कही। महापौर और सभी 110 वार्डों के पार्षदों का कार्यकाल शाम 5 बजे समाप्त हो गया।
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कार्यकाल के आखिरी दिन उन्होंने नगर निगम मुख्यालय में सफाई कर्मचारियों को सम्मानित किया। इसके बाद पत्रकारों को अपने पांच साल के कार्यकाल की जानकारी दी। दावा किया कि अपने पांच साल के कार्यकाल में करीब 21 दिन ही काम नहीं किया। हर रोज महापौर पद का दायित्व निभाया। पत्रकारों के सवाल पर जवाब दिया कि उन्होंने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में उपेक्षित, कब्जे वाले मंदिरों के जर्णोद्धार और उनमें पुन: पूजा-पाठ शुरू कराने की शपथ ली थी। अभियान चलाकर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में 124 मंदिर चिन्हित किए थे। इन सभी का जीणोद्धार करना था। नगर निगम से एक-एक पुजारी रखने की मंशा थी जो रोज वहां सफाई, पूजा करें, लेकिन बीच में कुछ ऐसा मामला हुआ, जिसकी वजह से ध्यान ऐसा नहीं कर पाईं। इसका मलाल है।
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महापौर ने कहा कि स्वरूपनगर में महिला मार्केट और चाचा नेहरू अस्पताल समेत कई ऐसे कार्य थे जो नहीं हो सके, पर उन्हें इसका पछतावा नहीं है। चट्टे हटाने का दावा किया। यह भी कहा कि जो बाकी बचे हैं दोबारा आएंगे तो फिर हटाएंगे। उन्होंने दोबारा महापौर का चुनाव लड़ने की भी इच्छा जताई। कहा कि पार्टी दोबारा टिकट देगी तो वे चुनाव लड़ेंगी। पार्टी से टिकट की मांग की है। ये भी साफ किया कि अगर जनता का कोई कार्य नहीं हो सका है, इसकी वे पूरी जिम्मेदारी लेती हैं। जब तक कोई नया महापौर नहीं आ जाता, तब तक कार्य करने की बात कही।
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प्रेसवार्ता में मौजूद पार्षदों ने समस्याएं हल होने से किया इनकार
प्रेसवार्ता में लक्ष्मीपुरवा के पार्षद रमेश, बिनगवां की पार्षद मेनका सिंह और फजलगंज की पार्षद मौजूद रहीं। रमेश ने प्रयास करने के बावजूद लक्ष्मीपुरवा के लोगों को जलभराव, गंदगी की समस्या से निजात मिलने से इनकार कर दिया। मेनका सिंह ने वार्ड में पांच साल में 22 करोड़ के विकास कार्य होने का दावा किया, पर मूलभूत समस्याओं से निजात मिलने से इनकार कर दिया, जबकि राधा पांडेय चुप्पी साधे रहीं।