फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Martyr Wedding Card Viral on social media

शहीद का Wedding card वायरलः यहां बज रही थीं शहनाईयां, वहां मातृभूमि पर कुर्बान हो गया 'यूपी का लाल'

Mon, 04 Jun 2018 04:11 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 04 Jun 2018 04:11 PM IST
विज्ञापन
Martyr Wedding Card Viral on social media
फोन पर विवाह समारोह की तैयारियों की लेते थे जानकारी
शहीद की शादी का कार्ड इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फतेहपुर के रहने वाले शहीद विजय पांडेय की शादी 20 जून को होनी थी। दो जून को वह पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद हो गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए विजय के Wedding card को खूब शेयर किया है।  
विज्ञापन


पाकिस्तान से सीमा पर मुठभेड़ में शनिवार को शहीद हुए यूपी के लाल विजय पाण्डेय का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान फतेहपुर जिला पहुंचा। शहीद का शव देख पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए भारी संख्या में लोग वहां पहुंचे। फतेहपुर जिले के सठिगंवा गांव निवासी राजू पांडेय किसान हैं। उनका बेटा विजय कुमार पाण्डेय बीएसएफ में जवान थे। वर्तमान में विजय की पोस्टिंग 33वीं बटेलियन बीएसएफ में थी। वह जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर में तैनात थे। सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से भारी गोलाबारी की गई। इस घटना में विजय पाण्डेय शहीद हो गए। शहीद जवान विजय पाण्डेय की 20 जून को शादी होनी थी। 15 जून को उनका तिलक था। इसके लिए शहीद ने छुट्टी के लिए आवेदन भी कर रखा था जो मंजूर हो चुका था। विजय 5 जून से छुट्टी पर घर आने वाला था। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। 
विज्ञापन

 

शहीद के घर पहुंची साध्वी निरंजन ज्योति

Martyr Wedding Card Viral on social media
दरवाजे रही भीड़, कई घरों में मातम

शहीद विजय पाण्डेय के परिवार को ढांढस बंधाने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति उनके घर पहुंची। 

शहीद के परिवार को बीस लाख का मुआवजा  
शहीद विजय पांडेय का पार्थिव शरीर सुबह साढ़े सात बजे लखनऊ पहुंचेगा। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने बताया कि लखनऊ की बटालियन के अधिकारियों की अगुवाई में विशेष वाहन से शहीद का शव उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। प्रोटोकॉल के लिए उपजिलाधिकारी बिंदकी हरिहर राम और सीओ बिंदकी अभिषेक तिवारी को लगाया गया है। डीएम ने बताया कि गृह विभाग के शासनादेश के मुताबिक शहीद के माता-पिता को जिले से बीस लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह स्वयं शहीद के अंतिम संस्कार में उपस्थित होंगे। इधर, शहीद विजय पांडेय के अंतिम दर्शन के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और जिले के प्रभारी मंत्री सत्यदेव पचौरी भी सोमवार को शहीद के गांव जाएंगे। 
 

बीस को बंधना था सेहरा अरमान रह गए अधूरे

Martyr Wedding Card Viral on social media
शरारत छोड़ने की खाई थी कसम
शहीद विजय की छुट्टी मंजूर हो गई थी। दस जून को गांव आना था। पंद्रह को तिलक समारोह व बीस जून को उनकी शादी थी। परिवार में विवाह समारोह की तैयारियां जोरशोर से चल रही थी। रविवार तड़के एक फोन सुनने के बाद सारे अरमान बिखर गए। दोनों परिवारों की खुशियां मातम में तब्दील हो गई। वह एक-दूसरे से ठिठक-ठिठक कर रोते दिखे।
फौजी विजय कुमार पांडेय की शादी पड़ोस के गांव बुढ़वा में किसान हरि नारायण द्विवेदी की बेटी संग तय हुई थी। हरिनारायण के दो बेटे पुलिस व एक बेटा बनारस संस्कृत विद्यालय में क्लर्क है। एक भाई इलाहाबाद में सरकारी वकील हैं। लड़की पक्ष 15 जून को तिलक लेकर आता और 20 जून को विजय के सिर में सेहरा बंधता। शहादत की खबर से जितना कृष्ण कुमार पांडेय का परिवार में आंसू छलके उससे कहीं ज्यादा व्यथित लड़की पक्ष के लोग थे। पिता ने बताया कि दस जून को बेटे को शादी के लिए घर आना था। बेटे से शनिवार दोपहर मोबाइल पर बात हुई थी। शादी के तैयारियों के बारे में बातचीत हुई थी। बेटे को बताया कि वह 15 जून को तिलक समारोह के लिए तंदूर भट्ठी के लिए ट्रैक्टर से लकड़ियां लेने जाने वाले हैं। बेटे ने दोपहर को गर्मी में जाने से मना किया था। ‘बोला था कि रविवार सुबह जाकर ले आना’। यह कहते पिता की आंखें छलक आईं। उनकी बेटे से अंतिम बार यह बात हुई थी।  

 
विज्ञापन

दो लाख की साड़ियां खरीदी थीं   

Martyr Wedding Card Viral on social media
शहीद विजय पांडेय की पुरानी फोटो
शहीद विजय कुमार अंतिम बार गांव छुट्टी पर 18 मार्च को आए थे। इसी दौरान रिश्ते की बात पक्की हो गई। शादी के कपड़ों की खरीदारी कर गए थे। जिसके बाद पांच अप्रैल को देश सेवा को वापस लौट गए थे। मां सविता देवी बदहवास हालत में बोली, ‘बेटा किसके लिए लाखों की साड़ियां, कपड़े खरीद कर रखा था। तू ही दुनिया छोड़कर चला गया’।  
 

मां मेरी तैनाती बार्डर से बहुत दूर है.... 

Martyr Wedding Card Viral on social media
शहीद विजय पांडेय की पुरानी फोटो, विजय का शव
बहादुर माटी के लाल में जितना देश भक्ति का जज्बा भरा था उतना ही वह कलेजे का मजबूत भी था। उसने कभी भी परिवार को अपनी पीड़ा नहीं बताई। सरहद में छह सालों में उसने हर गुजरे दिन को परिवार को बेहतर तरीके से ही बताया।
शहीद बीएसएफ के जवान विजय कुमार पांडेय की मां सविता पांडेय को इलाके की महिलाएं किसी तरह से ढांढस बंधाकर पानी पिला देती रहीं। जरा सा सामान्य होते ही वह पुराने दिनों के ख्यालों की चर्चा करने लगती। ऐसे ही सविता महिलाओं से बोलीं कि टीवी पर अक्सर जम्मू-कश्मीर में दुश्मन देश की ओर से हमले की खबरें देखती थीं। जम्मू-कश्मीर का नाम आते ही उनके रोंगटे खड़े हो जाते रहे। फौरन बेटे का हाल जानने के  लिए फोन लगाती थी। बेटे की आवाज सुनने के बाद सुकून मिल जाता था। बेटा हमेशा बोलता था कि वह उसकी चिंता कतई न करेे। उसकी तैनाती गोलीबारी वाले बार्डर इलाके से काफी दूर है। उसे कभी भी कुछ नहीं हो सकता है। टीवी में अक्सर जवानों के समस्याओं और रहन-सहन के बारे में दिखाया जाता है। बेटे ने कभी कोई समस्या नहीं बताई है। अब लगता है कि कलेजे का टुकड़ा कलेजा का बहुत मजबूत था।  
 

बाबा साधु, ताऊ हरिद्वार में महंत   

Martyr Wedding Card Viral on social media
सीमा पर शहीद यूपी के लाल का घर पहुंचा पार्थिव शरीर, गांव में मचा कोहराम
शहीद के पिता के बड़े भाई स्वामी अक्षयानंद जी महाराज हरिद्वार स्थित आश्रम के महंत हैं। करीब बीस साल पहले बाबा महादेव पांडेय साधु होकर हरिद्वार चले गए थे। दोनों हरिद्वार में कई वर्षों से रहते हैं। उन्हें परिवार के लोगों ने घटना की खबर दी है।   
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed