बेटी ने सुसाइड नोट में पिता के सामने रखी एेसी 'अंतिम इच्छा', जिसने हर किसी का दिल झकझोर दिया
- छह महीने पहले प्रेम विवाह करने वाली युवती ने सुसाइड नोट लिखकर दी जान
- अर्मापुर इस्टेट की युवती ने कॉलोनी में ही रहने वाले युवक से किया था प्रेम विवाह
- ससुराल वालों ने निकाल दिया, मायके में रह रही थी युवती
- पति के बीमार होने पर ससुराल वालों ने रिश्ता तोड़ने के बाद ही इलाज कराने की रख दी शर्त
विस्तार
पापा मुझे सफेद कफन में नहीं, लाल जोड़ेे में विदा करना। हो सके तो मेरी चिता को अग्नि मेरे पति से ही दिलवाना। सुसाइड नोट में अपनी यह अंतिम इच्छा लिखकर छह महीने पहले प्रेम विवाह करने वाली युवती ने मंगलवार रात फांसी लगाकर जान दे दी।
युवती ने आत्महत्या के लिए खुद को ही जिम्मेदार ठहराया है। वह ससुराल से निकाले जाने के बाद मायके में रह रही थी। ससुराल वालों की अजीबोगरीब शर्त से परेशान हो गई थी। ससुराल वालों ने कह दिया था कि वे बीमार पति का इलाज तभी कराएंगे, जब वह उससे रिश्ता तोड़ देगी।
अर्मापुर स्टेट निवासी अशोक कुमार की बेटी मीनू ने पांच जनवरी को कालोनी के ही रहने वाले शानू से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद मीनू पति के साथ ससुराल में ही रहने लगी।
पिता अशोक ने बताया कि कुछ दिन तो सब ठीक चला लेकिन 26 जनवरी को बेटी की ससुराल वालों ने दोनों को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद मीनू मायके में आकर रहने लगी और शानू अपने घर में रहने लगा।
अशोक के मुताबिक शनिवार को शानू नशे में धुत होकर घर पहुंचा। देर रात उसकी तबीयत खराब हो गई तो उसके परिजनों ने हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। इसकी जानकारी होने पर बेटी मीनू भी अस्पताल पहुंची।
बेटी के मुताबिक शानू के परिवार वालों ने एक शर्त रखी कि घर वाले उसका इलाज तभी कराएंगे, जब वह उससे रिश्ता तोड़ लेगी। इसके बाद मीनू घर आई और कमरे में जाकर रोने लगी। देर रात उसने फांसी लगा ली।
सुबह जानकारी होने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस को सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक परिजनों ने अभी कोई तहरीर नहीं दी है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
कोई बड़ी बीमारी नहीं, बेटी को डरवाया गया
युवती के पिता अशोक कुमार के मुताबिक शानू को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। बेटी से रिश्ता तोड़ने के लिए ससुराल वालों ने उसे डरा दिया और अजीबोगरीब शर्त रख दी। इसी से परेशान होकर उसने जान दे दी।