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शादी अनुदान योजना फर्जीवाड़ा: तहसीलदार और 19 लेखपालों पर आज हो सकती रिपोर्ट
Sun, 01 Aug 2021 11:51 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 01 Aug 2021 11:51 PM IST
सार
शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 7.26 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा गया था। दोनों योजनाओं के आवेदनों की जांच में 2217 अपात्र मिले थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 7.26 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में 19 लेखपालों और तत्कालीन सदर तहसीलदार (अब उन्नाव में तैनात) अतुल कुमार सचान पर सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
लेखपालों पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप है, जबकि तत्कालीन तहसीलदार पर पूर्व में निलंबित 10 लेखपालों को गलत तरीके से बहाल कराने का आरोप है। जिलाधिकारी ने तत्कालीन तहसीलदार के निलंबन की भी संस्तुति की है।
शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 7.26 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा गया था। दोनों योजनाओं के आवेदनों की जांच में 2217 अपात्र मिले थे। इनमें 1106 पारिवारिक लाभ और 702 शादी अनुदान के ऐसे मामले थे, जिनके लाभार्थियों का पता ही नहीं था।
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409 ऐसे थे, जो इस योजना के लिए पात्र ही नहीं थे। इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा दो नायाब तहसीलदार, पिछड़ा वर्ग कल्याण के दो उपनिदेशक और अल्पसंख्यक विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है।
एसडीएम सदर दीपक पाल ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी 19 लेखपालों और तत्कालीन तहसीलदार पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सोमवार को सदर तहसीलदार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
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लेखपालों पर गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप है, जबकि तत्कालीन तहसीलदार पर पूर्व में निलंबित 10 लेखपालों को गलत तरीके से बहाल कराने का आरोप है। जिलाधिकारी ने तत्कालीन तहसीलदार के निलंबन की भी संस्तुति की है।
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शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में 7.26 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा गया था। दोनों योजनाओं के आवेदनों की जांच में 2217 अपात्र मिले थे। इनमें 1106 पारिवारिक लाभ और 702 शादी अनुदान के ऐसे मामले थे, जिनके लाभार्थियों का पता ही नहीं था।
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409 ऐसे थे, जो इस योजना के लिए पात्र ही नहीं थे। इस मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं। इसके अलावा दो नायाब तहसीलदार, पिछड़ा वर्ग कल्याण के दो उपनिदेशक और अल्पसंख्यक विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है।
एसडीएम सदर दीपक पाल ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी 19 लेखपालों और तत्कालीन तहसीलदार पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सोमवार को सदर तहसीलदार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।