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Kanpur News: डीजल-गैस के दाम बढ़ने से मारबल-टाइल्स कारोबार संकट में

Thu, 28 May 2026 02:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 02:21 AM IST
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Marble-tiles business in trouble due to increase in diesel-gas prices
कानपुर। गुजरात स्थित मोरबी की टाइल्स फैक्टरियां बंद होने और माल भाड़ा बढ़ने से शहर का मारबल और टाइल्स उद्योग संकट का सामना कर रहा है। माल भाड़ा बढ़ने के बाद से उत्पादों के दाम और तेज हो गए हैं। 100 से 200 रुपये प्रति बॉक्स में तेजी आ गई है। एक बॉक्स में दो से लेकर 6 पीस तक मारबल और टाइल्स आता है। फैक्टि्रयां बंद होने से नया माल कम आ रहा है। उत्पादों की मांग न होने से दुकानों, स्टाफ का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। दुकानों में लगे 5000 मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
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किदवईनगर में टाइल्स और मारबल का बड़ा कारोबार होता है। यहां पर 100 से ज्यादा दुकानें और शोरूम हैं। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी 350-400 से ज्यादा दुकानें हैं। 2-3 करोड़ का प्रतिदिन का कारोबार होता रहा है। शहर के अलावा आसपास के जिलों को भी टाइल्स आदि की आपूर्ति की जाती है। कारोबारियों के मुताबिक, गुजरात के मोरबी में ईंधन संकट से व्यापार प्रभावित है। गुजरात के मोरबी में टाइल्स का बड़ा कारोबार होता है। वहां पर सैकड़ों फैक्ट्रियां बंद हैं। ये फैक्टरियां गैस पर निर्भर हैं। गैस की अनुपलब्धता के चलते इन्हें बंद किया गया है। इससे नया माल शहर में आना बंद हो गया है।
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गर्मी के सीजन में कारोबार कम मिलता है लेकिन इस दौरान स्टाक किया जाता है। माल न होने से पुराना स्टॉक ही दुकानों और शोरूम में है। इसके अलावा दाम भी बढ़ गए हैं जो टाइल्स पहले 200 रुपये में आता था अब इसके दाम 400 रुपये हो गए हैं। इतनी तेजी के चलते ग्राहक भी बाजार से गायब है। टाइल्स व्यापार से जुड़े ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी पूरी तरह ठप हो गया है। इससे लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले मजदूरों और दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवार सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। पहले वहां पर गैस का संकट था अब डीजल भी ट्रक संचालकों को लिमिट में दिया जा रहा है। इससे उत्पादों का आना कम हो गया है। होली के बाद से शहर में प्रतिदिन केवल पांच ट्रक ही माल आ पा रहा है। पूर्व में 20-25 ट्रक प्रतिदिन आते थे। अमेरिका-ईरान के बीच 28 फरवरी से युद्ध शुरू हुआ था। गुजरात में अभी भी एलपीजी का संकट है।
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मारबल टाइल्स के व्यापारियों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुजरात के मोरबी स्थित फैक्टि्रयों में उत्पादन घटने से उत्पाद महंगे हो गए हैं। माल भाड़ा बढ़ने से और परेशानी बढ़ गई है। 5000 मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट हो गया है। - पवन कुमार गौड़, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मारबल टाइल व्यापारी एसोसिएशन।
भाव बढ़ने से ग्राहक भी बाजार में नहीं हैं। डीजल के रेट बढ़ जाने के कारण गाड़ी का भाड़ा भी बढ़ा दिया गया जिससे मारबल और महंगा हो गया। मजदूरों को भी काम मिलने में दिक्कत आ रही है। तमाम दुकानों-शोरूमों में बोहनी तक नहीं हो रही है। - आशीष गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मारबल टाइल व्यापारी एसोसिएशन।

टाइल्स फैक्टि्रयां को एलपीजी गैस बहुत ऊंचे रेट पर मिल रही है जिस कारण व्यापारियों को रेट में बढ़ोतरी करके माल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे टाइल्स बिकने में बहुत दिक्कत आ रही है। अब खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। - विशाल ओमर, प्रदेश उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश मारबल टाइल व्यापारी एसोसिएशन।

डीजल के रेट बढ़ जाने के कारण भाड़े में बढ़ोतरी हो गई है जिसके कारण इटालियन मार्बल, ग्रेनाइट में बढ़ोतरी हो गई है। उत्पाद महंगे हो गए हैं और बाजार में काम भी नहीं है। इससे दोहरी मार कारोबार पर है। - संजय जैन, वरिष्ठ प्रदेश महामंत्री, उत्तर प्रदेश मारबल टाइल व्यापारी एसोसिएशन।
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