Manmohan Singh: मनमोहन कई बार आ चुके हैं शहर, कानपुरियों के धरना देने पर माफ किए थे दंगा पीड़ितों के कर्जे
Kanpur News: मनमोहन सिंह 1999 और 2004 में लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। इसी तरह 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मोतीझील में एक जनसभा को संबोधित किया था।
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पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का कानपुर से भी नाता रहा है। जब-जब कानपुर की बात उठी है, उन्होंने आगे बढ़कर यहां के लोगों को सुना और उस पर अमल भी किया। बात 1992 की है, जब उन्होंने महानगर के कांग्रेसी नेता और पूर्व एमएलसी कुलदीप सिंह के नेतृत्व में 1984 दंगा पीड़ितों का कर्जा माफ करने के लिए दिल्ली में धरना दिया था।
इस पर तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने सुनवाई करते हुए रिजर्व बैंक को 25 हजार तक के कर्जे माफ करने का निर्देश दिया था।दरअसल 1984 में दंगों के बाद पीड़ित सिख परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया था, उस समय केंद्र सरकार ऐसे परिवारों को बैंकों से 50 हजार तक का कर्जा लेने के लिए शर्तों में छूट दी थी। बाद में जब पीड़ित परिवार यह कर्जा देने में असमर्थ महसूस करने लगा, तो इसकी मांग कानपुर से उठी थी।
उन्होंने मोतीझील में एक जनसभा को संबोधित किया था
मनमोहन सिंह 1999 और 2004 में लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी श्रीप्रकाश जायसवाल के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे। इसी तरह 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मोतीझील में एक जनसभा को संबोधित किया था। वह यहां पर तत्कालीन कांग्रेसी नेता अजय कपूर के घर भी गए थे। साथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष रहे शैलेंद्र दीक्षित को भी जनसभा के दौरान आशीर्वाद दिया था।
डॉ. मनमोहन के निधन पर श्रीगुरु सिंह सभा ने जताया शोक
श्री गुरु सिंह सभा महानगर की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री, व अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक किया है। गुरुसिंह सभा के प्रधान सिमरनजीत सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने और देश के विकास में उनकी भूमिका अतुलनीय थी। श्री गुरु सिंह सभा के समस्त सदस्य उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति मानते हैं।
- पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का जीवन सादगी और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक था। उनका जाना न केवल राजनीति बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है। -रमेश अवस्थी, सांसद महानगर
- डॉ.मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति में सादगी, विनम्रता के उच्च मानदंडों के प्रतीक थे। वह देश के आर्थिक उदारीकरण के जनक थे। उन्हें शत-शत नमन। -नौशाद आलम मंसूरी
- देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में डॉ. मनमोहन सिंह का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। वह हम सभी के मार्गदर्शक रहे हैं। उनके निधन से कांग्रेस को बड़ी क्षति हुई है। -आलोक मिश्रा, वरिष्ठ कांग्रेसी
- पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन मेरे मार्गदर्शक और मेरे मित्र थे। उनके निधन में मैं व्यथित हूं। उनके जोन से मुझे व्यक्तिगत क्षति हुई है। वह ऐसे नेता थे, जो सबकी की सुनते थे। -सरदार कुलदीप सिंह, पूर्व एमएलसी
- सौम्य व्यिक्त्व के धनी महान अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह का निधन अंतर्राष्ट्रीय क्षति है। भारत की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने में उनका योगदान अमूल्य रहा है। -अमिताभ बाजपेई, विधायक