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महोबा हादसा: धमाके के साथ उछले पत्थर...भागो-भागो की आवाज के बीच दब गईं चीखें, पढ़ें पूरा घटनाक्रम
Sun, 31 Aug 2025 09:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 31 Aug 2025 09:53 PM IST
सार
पहाड़ में तेज धमाके के साथ विस्फोट होने के बाद श्रमिकों के सामने अंधेरा छा गया। पत्थरोंं के नीचे दबे साथियों को निकालने के लिए श्रमिक दौड़े पर दो की जान नहीं बच सकी।
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महोबा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोतवाली क्षेत्र के पसवारा गांव स्थित पहाड़ में काम करते समय बिजली चमकने से खनन के लिए लगाई गई विस्फोटक सामग्री तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गई। विस्फोट होने के बाद कुछ देर के लिए श्रमिकों की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। जो श्रमिक कुछ दूरी पर थे, वह भागो-भागो की आवाज लगाते रहे। दस मिनट बाद जब स्थिति सामान्य हुई तो पत्थरों के नीचे दबे श्रमिकों को निकालने के लिए साथी दौड़ पड़े, लेकिन दो लोगों की जान नहीं बच सकी।
मकबरई निवासी साहिल अपने बड़े भाई सलीम के साथ पहाड़ पर काम करता था। दोनों भाई रविवार की सुबह काम पर गए थे। शाम पांच बजे पहाड़ में विस्फोट होने से हादसा हो गया। इसमें सलीम और नारायण सिंह की मौत हो गई। मृतक के भाई साहिल ने बताया कि पहाड़ में खनन के लिए विस्फोटक सामग्री लगाई गई थी। विस्फोट करने से पहले मौसम खराब हो गया।
बूंदाबांदी के साथ बिजली चमकने से तेज धमाके के साथ पहाड़ में विस्फोट हुआ। वह घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर था। जब विस्फोट हुआ तो कुछ देर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा गया और कुछ भी दिखाई नहीं दिया। विस्फोट के बाद बड़े-बड़े पत्थर आसमान में उछले। तब दूर खड़े कुछ श्रमिकों ने भागो-भागो की आवाज लगाई, लेकिन तब तक चार श्रमिक चपेट में आ गए। पत्थर और मलबे में दबने से नीचे खड़े उसके भाई सलीम व नारायण की मौत हो गई, जबकि हसन और शिवम घायल हो गए।
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मकबरई निवासी साहिल अपने बड़े भाई सलीम के साथ पहाड़ पर काम करता था। दोनों भाई रविवार की सुबह काम पर गए थे। शाम पांच बजे पहाड़ में विस्फोट होने से हादसा हो गया। इसमें सलीम और नारायण सिंह की मौत हो गई। मृतक के भाई साहिल ने बताया कि पहाड़ में खनन के लिए विस्फोटक सामग्री लगाई गई थी। विस्फोट करने से पहले मौसम खराब हो गया।
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बूंदाबांदी के साथ बिजली चमकने से तेज धमाके के साथ पहाड़ में विस्फोट हुआ। वह घटनास्थल से 500 मीटर की दूरी पर था। जब विस्फोट हुआ तो कुछ देर के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा गया और कुछ भी दिखाई नहीं दिया। विस्फोट के बाद बड़े-बड़े पत्थर आसमान में उछले। तब दूर खड़े कुछ श्रमिकों ने भागो-भागो की आवाज लगाई, लेकिन तब तक चार श्रमिक चपेट में आ गए। पत्थर और मलबे में दबने से नीचे खड़े उसके भाई सलीम व नारायण की मौत हो गई, जबकि हसन और शिवम घायल हो गए।
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महोबा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल आए घायल शिवम ने बताया कि घटना का मंजर रूह कंपा देने वाला था। उसके पास ही उछलकर एक पत्थर गिरा। जिससे पैर में चोट लगी। जिस समय धमाका हुआ तो कुछ श्रमिक पहाड़ के पास और कुछ 200 से 300 मीटर की दूरी पर मौजूद थे। घटना के बाद सभी लोग दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना देते हुए दबे श्रमिकों को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन, तब तक दो की जान चली गई।
महोबा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
पहाड़ में जाने पर प्रशासन ने लगाई रोक
विस्फोट के बाद घटनास्थल पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहाड़ पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी। आशंका थी कि पहाड़ में खनन के लिए लगाई गई विस्फोटक सामग्री शेष न रह गई हो और दोबारा धमाका न हो जाए। इसी आशंका के चलते लोगों को पहाड़ से 500 मीटर पहले रोका गया और किसी को अंदर नहीं जाने दिया।
विस्फोट के बाद घटनास्थल पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पहाड़ पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी। आशंका थी कि पहाड़ में खनन के लिए लगाई गई विस्फोटक सामग्री शेष न रह गई हो और दोबारा धमाका न हो जाए। इसी आशंका के चलते लोगों को पहाड़ से 500 मीटर पहले रोका गया और किसी को अंदर नहीं जाने दिया।
इस तरह हुआ घटनाक्रम
- शाम 4.45 बजे पहाड़ पर श्रमिक विस्फोटक सामग्री लगाकर नीचे उतरे।
- शाम 5.00 बजे बूंदाबांदी के बीच बिजली चमकने से पहाड़ में विस्फोट हुआ।
- शाम 5.10 बजे साथी श्रमिक पत्थरों के नीचे दबे श्रमिकों को निकालने के प्रयास में जुटे और पुलिस को सूचना दी।
- शाम 5.20 बजे सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे।
- शाम 5.30 बजे मृतकों के शवों को निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।
- शाम 4.45 बजे पहाड़ पर श्रमिक विस्फोटक सामग्री लगाकर नीचे उतरे।
- शाम 5.00 बजे बूंदाबांदी के बीच बिजली चमकने से पहाड़ में विस्फोट हुआ।
- शाम 5.10 बजे साथी श्रमिक पत्थरों के नीचे दबे श्रमिकों को निकालने के प्रयास में जुटे और पुलिस को सूचना दी।
- शाम 5.20 बजे सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे।
- शाम 5.30 बजे मृतकों के शवों को निकालकर जिला अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।