कानपुर, मुंबई और अहमदाबाद में बनेगा राष्ट्रीय कौशल विकास संस्थान, ओडीओपी से भी जुड़ेंगे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास के बावजूद भाजपा की पिछली केंद्र सरकार के कार्यकाल में फेल हो चुके कौशल विकास कार्यक्रमों को तेजी से बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्दी ही देश भर में तीन भारतीय कौशल विकास संस्थानों की स्थापना की जाएगी।
पहला मुंबई में, दूसरा कानपुर और तीसरा गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में स्थापित किया जाएगा। शनिवार को सर्किट हाउस में निजी यात्रा पर आए केंद्रीय कौशल विकास मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि मुंबई के कौशल विकास संस्थान के निर्माण की जिम्मेदारी टाटा कंपनी को दे दी गई है।
सितंबर में इसकी आधारशिला रखी जाएगी। यह संस्थान मुंबई के चेंबूर में साढ़े चार हेक्टेयर की जमीन पर बनाया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ का बजट भी स्वीकृत हो चुका है। इस संस्थान की संरचना सिंगापुर में बने स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की तरह होगी।
मुंबई की तरह की कानपुर और अहमदाबाद का संस्थान भी बनेगा। केंद्रीय मंत्री ने माना कि कौशल विकास को लेकर प्रधानमंत्री ने जो सपना देखा था, उसमें शुरुआत में कुछ रुकावट जरूर आई। अब सब कुछ ढर्रे पर आ गया है। अब इसमें लगातार काम किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वह जल्द ही कानपुर आकर यहां के दादानगर स्थित एटीआई (एडवांस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) परिसर का निरीक्षण करेंगे जहां पर कौशल विकास संस्थान बनाए जाने की बात चल रही है। पिछली बार केंद्रीय कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने कानपुर के एटीआई का दौरा भी किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कौशल विकास के क्षेत्र में अब बहुत तेजी से काम किया जाएगा।
कौशल विकास को ओडीओपी से भी जोड़ेंगे
कौशल विकास योजना को ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) से भी जोड़ा जाएगा। केंद्रीय कौशल विकास मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि कानपुर सहित यूपी के अधिकांश जिले ऐसे हैं, जो एक विशेष उत्पाद के लिए जाने जाते हैं।
ऐसे उत्पादों के लिए स्थापित उद्योगों में भी प्रशिक्षित कामगार देने का काम भी कौशल विकास योजना के तहत रखा गया है। इस योजना के तहत प्रशिक्षित किए जाने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों से बीटेक की डिग्री लेने वाले युवकों को शामिल किया गया है।