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महाराष्ट्र से महोबा तक 1,100 किमी का सफर 4 दिन में साइकिल से किया तय, बोले सिर्फ दो जगह खाना खाया
Tue, 05 May 2020 08:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 05 May 2020 08:23 PM IST
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महोबा में महाराष्ट्र से साइकिल पर पहुंचे प्रवासी श्रमिक
- फोटो : amar ujala
लॉकडाउन के बाद श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी है। 14 दिन में साइकिलों से 1,100 किलोमीटर का सफर तय करके भिवंडी, महाराष्ट्र से महोबा आए 24 से ज्यादा श्रमिकों का भूख से बुरा हाल दिखा। प्रशासन ने जिले की सीमा पर श्रमिकों को भोजन कराया।
थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को उनके घर के लिए रवाना किया। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के उपेंद्र साहनी, मधु साहनी, राजीव यादव, रामजीत, राधेश्याम, प्रभु साहनी, गोपाल साहनी, शिवकुमार साहनी समेत 24 से ज्यादा श्रमिकों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के भिवंडी में कपड़ा बुनने का काम करते थे।
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थर्मल स्क्रीनिंग के बाद सभी को उनके घर के लिए रवाना किया। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के उपेंद्र साहनी, मधु साहनी, राजीव यादव, रामजीत, राधेश्याम, प्रभु साहनी, गोपाल साहनी, शिवकुमार साहनी समेत 24 से ज्यादा श्रमिकों ने बताया कि वह महाराष्ट्र के भिवंडी में कपड़ा बुनने का काम करते थे।
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अचानक लॉकडाउन होने के बाद वह भिवंडी में रुके रहे। दूसरा लॉकडाउन होने पर श्रमिकों ने घर जाने के लिए कंपनी मालिक से पैसा मांगा, लेेकिन मालिक ने पैसा नहीं दिया। इस पर श्रमिकों ने अपने घरों से बैंक खातों में पैसा डलवाया और नई साइकिलें खरीदकर गृह जनपद के लिए निकल पड़े।
14 दिन में तक लगातार साइकिल चलाकर महोबा की सरहद पर आने के बाद इन श्रमिकों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि सफर के दौरान बिस्कुट, चिप्स से काम चलाया। सिर्फ दो स्थानों पर उन्हें ग्रामीणों ने भोजन कराया। महोबा से महाराजगंज के लिए मंगलवार को इन श्रमिकों का जत्था रवाना हो गया।
जिले में फंसे श्रमिकों ने घर जाने की उठाई मांग
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल की बाउंड्री का निर्माण करने आए 16 श्रमिक लॉकडाउन के चलते फंस गए। कामकाज बंद होने के कारण अब श्रमिकों ने बिहार जाने के लिए एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस से वाहनों का इंतजाम कराए जाने की मांग की। इस बारे में शमीम अहमद, मेराज, मुस्ताक, राजेश सहित 16 श्रमिकों ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
14 दिन में तक लगातार साइकिल चलाकर महोबा की सरहद पर आने के बाद इन श्रमिकों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि सफर के दौरान बिस्कुट, चिप्स से काम चलाया। सिर्फ दो स्थानों पर उन्हें ग्रामीणों ने भोजन कराया। महोबा से महाराजगंज के लिए मंगलवार को इन श्रमिकों का जत्था रवाना हो गया।
जिले में फंसे श्रमिकों ने घर जाने की उठाई मांग
कृषि विज्ञान केंद्र बेलाताल की बाउंड्री का निर्माण करने आए 16 श्रमिक लॉकडाउन के चलते फंस गए। कामकाज बंद होने के कारण अब श्रमिकों ने बिहार जाने के लिए एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस से वाहनों का इंतजाम कराए जाने की मांग की। इस बारे में शमीम अहमद, मेराज, मुस्ताक, राजेश सहित 16 श्रमिकों ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा है।