मधु कपूर हत्याकांड: राष्ट्रीय महिला आयोग ने डीजीपी को लिखा पत्र, कहा-आरोपी पुलिसकर्मियों पर दर्ज करिये मुकदमा
मधु कपूर हत्याकांड में पुलिस की पिटाई की शिकार 65 वर्षीय वृद्धा के मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने को डीजीपी को पत्र लिखा है। साथ ही पत्र की कॉपी कानपुर पुलिस कमिश्नर को भी भेजी है।
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कानपुर के मधु कपूर हत्याकांड में पुलिस की नजर में संदिग्ध वृद्धा को थर्ड डिग्री टॉर्चर देने के मामले में भले ही पुलिस के उच्चाधिकारी हीलाहवाली कर रहे हों लेकिन राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) घटना पर बेहद सख्त है। एनसीडब्ल्यू ने मामला स्वत: संज्ञान लेते हुए डीजीपी व कानपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर वृद्धा पर बर्बरता करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने को निर्देशित किया है।
दरअसल, 13 फरवरी की रात स्वरूपनगर स्थित कॉनकॉर्ड अपार्टमेंट के 307 नंबर फ्लैट में ज्योतिषाचार्या मधु कूपर की हत्या कर लूटपाट की गई थी। तबसे पुलिस वारदात का खुलासा नहीं कर सकी है। पुलिस का दावा है कि मधु के फ्लैट में काम करने वाली सावित्री (65) की वारदात में कहीं न कहीं भूमिका है। इसलिए उससे लगातार कई बार पूछताछ कर चुकी है। शनिवार सुबह भी पुलिस सावित्री को लेकर गई थी। रविवार रात को उनको छोड़ा। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने सावित्री को जमकर पीटा। चेहरे समेत पूरे शरीर पर पिटाई के निशान हैं।
मामला प्रकाश में आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने तत्काल इसका संज्ञान लिया है। बुधवार को आयोग ने यूपी के डीजीपी और पुलिस कमिश्नर कानपुर को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि जिन पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। जांच भी तय समय में पूरी हो। जो भी कार्रवाई की जाए, उसके बारे में आयोग को भी अवगत कराया जाए। इसके पहले राज्य महिला आयोग भी रिपोर्ट मांग चुका है।
जांच का हवाला, बचाने का खेल
मामले में शुरू से ही अफसर पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों का बचाव करने का प्रयास कर रहे हैं। अफसरों का कहना है कि केस बेहद पेचीदा है। इसलिए हर पहलू पर जांच की जा रही है। हां, ये जरूर है कि इसमें नियमों का ध्यान रखा जाए। वहीं, वृद्धा चीख-चीख कर कह रही है कि पुलिस ने टॉर्चर किया। बर्बरता के निशान भी हैं। पर, अभी तक एक भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई है। अफसरों का कहना है कि एडीसीपी महिला अपराध को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच का हवाला देकर बचाव करने का प्रयास चल रहा है।