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सत्ता संग्राम 2019: त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी सीट, अनुभवी नेताओं का शक्ति परीक्षण
Sun, 28 Apr 2019 04:27 AM IST
देव कश्यप
अंकित त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर देहात
अंकित त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 28 Apr 2019 04:27 AM IST
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देवेंद्र सिंह भोले (भाजपा), राजाराम पाल (कांग्रेस) और निशा सचान (गठबंधन)
- फोटो : अमर उजाला
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अकबरपुर में दो कद्दावर नेताओं के बीच में गठबंधन फंसा हुआ नजर आ रहा है। फिलहाल सीट त्रिकोणीय मुकाबले में उलझी हुई है। कभी बिल्हौर के नाम से पहचान रखने वाले अकबरपुर की यह सीट 2009 में अस्तित्व में आई थी। वर्तमान में लोकसभा सीट व पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा काबिज है। वर्ष 2014 में जीतकर संसद पहुंचे देवेंद्र सिंह भोले को भाजपा ने फिर मैदान में उतारा है।
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पूर्व सांसद राजाराम पाल भी कांग्रेस के टिकट पर ताल ठोक रहे हैं। 2004 में बसपा व 2009 में कांग्रेस से सांसद रहे राजाराम के पास अनुभव और जमीन से जुड़े होने का संबल है। सपा-बसपा गठबंधन ने निशा सचान को उतारा है। उनके पति संजय सचान घाटमपुर नगरपालिका के चेयरमैन होने के कारण संबंधित क्षेत्र से सीधे जुड़े हैं। एक तरफ पूर्व सांसद व वर्तमान सांसद की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है तो दूसरी तरफ गठबंधन की ओर से महिला प्रत्याशी होने के कारण मुकाबला दिलचस्प है। प्रसपा ने भी यादव मतों पर सेंधमारी करने के लिए महेंद्र यादव को चुनाव मैदान में उतारकर गठबंधन के लिए बेचैनी बढ़ा दी है।
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ब्राह्मण, मुस्लिम मतों को पाले में करने की कोशिश यहां 7 बार ब्राह्मण प्रत्याशी जीत चुके हैं, इस बार कोई ब्राह्मण प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में सभी ब्राह्मणों को लुभाने में जुटे हैं। यदि 1.15 लाख मुस्लिम व 3.22 लाख ब्राह्मण वोटर जोड़ दें तो आंकड़ा 4.37 लाख पहुंचता है, जबकि 2014 में विजेता को 4.81 लाख वोट मिले थे। ऐसे में सभी दल मुस्लिम व ब्राह्मण समीकरण बिठाने में लगे हैं।
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मतदाताओं के अपने-अपने तर्क
जलालाबाद के राजेश कुमार कहते हैं कि सरकार ने गोशालाएं तो खुलवाईं, लेकिन फसलों को पशुओं से बचाने का इंतजाम नहीं किया। बृजेश सिंह को पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक पर फख्र है। मुड़िया गांव की रामलली उज्ज्वला योजना से खुश हैं तो शिवरानी सिलिंडर महंगा होने से नाराज हैं। निगोही के वसीम मोदी के विदेशी दौरों पर खर्च से खफा हैं तो किराना व्यापारी रमेश कांग्रेस के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की खासियत से प्रभावित हैं।