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लॉकडाउन: किस्त के भुगतान में गड़बड़ी, कहां करें शिकायत, हर जिले में एक हेल्पलाइन नंबर की उठी मांग
Sun, 03 May 2020 02:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 03 May 2020 02:14 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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लॉकडाउन ने लोगों के लोन की किस्तों का शेड्यूल गड़बड़ा दिया है। कंपनियों ने वेतन आधे कर दिए हैं। बड़ी संख्या में फैक्ट्री संचालकों ने कर्मचारियों को पिछले महीने का भुगतान नहीं किया है। ऐसे में किसी के खाते में पैसा नहीं है तो किसी के खाते में सिर्फ किस्त भर का पैसा है।
रिजर्व बैंक ने तीन महीने तक लोन की किस्त न काटने का आदेश दिया है। इसका कहीं पालन हो रहा है तो कहीं नहीं। ऐसे में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, चाहे वो उद्योगपति हो या आम आदमी। अमर उजाला के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए, जिनमें खाताधारक के खाते में कम पैसा होने की वजह से चेक वापस जाने का शुल्क कट गया।
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रिजर्व बैंक ने तीन महीने तक लोन की किस्त न काटने का आदेश दिया है। इसका कहीं पालन हो रहा है तो कहीं नहीं। ऐसे में लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, चाहे वो उद्योगपति हो या आम आदमी। अमर उजाला के संज्ञान में कई ऐसे मामले आए, जिनमें खाताधारक के खाते में कम पैसा होने की वजह से चेक वापस जाने का शुल्क कट गया।
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लोगों ने सरकार से अपील की है कि इस व्यवस्था को सुचारू बनाएं ताकि किस्तों के भुगतान में गड़बड़ी होने पर अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े। कई सारे बैंक बंद हैं इस वजह से खाताधारक अपनी बात भी नहीं रख पा रहे हैं। इसके लिए हर जिले में एक हेल्प लाइन नंबर जारी करने की भी मांग उठ रही है।
खाते में पैसा फिर भी लग गई पेनाल्टी
जूही लाल कॉलोनी निवासी मोहम्मद इमरान ने बजाज फाइनेंस से लोन लेकर लैपटॉप खरीदा था। हर महीने 3445 रुपये की किस्त कटती है। बैंक ऑफ बड़ौदा में इनका खाता है। पहली अप्रैल को इनके खाते में 4000 रुपये थे, लेकिन किस्त नहीं कटी। तीन दिन बाद पता चला कि इनके खाते से 295 रुपये की पेनाल्टी कट गई। बैंक बंद था।
तीन दिन बाद छह तारीख को फिर 295 रुपये की पेनाल्टी कट गई। बैंक बंद होने की वजह से यह नहीं पता चल पाया कि यह पेनाल्टी किन कारणों से कटी। इमरान ने बजाज, बैंक ऑफ बड़ौदा और प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेजा है।
खाते में पैसा फिर भी लग गई पेनाल्टी
जूही लाल कॉलोनी निवासी मोहम्मद इमरान ने बजाज फाइनेंस से लोन लेकर लैपटॉप खरीदा था। हर महीने 3445 रुपये की किस्त कटती है। बैंक ऑफ बड़ौदा में इनका खाता है। पहली अप्रैल को इनके खाते में 4000 रुपये थे, लेकिन किस्त नहीं कटी। तीन दिन बाद पता चला कि इनके खाते से 295 रुपये की पेनाल्टी कट गई। बैंक बंद था।
तीन दिन बाद छह तारीख को फिर 295 रुपये की पेनाल्टी कट गई। बैंक बंद होने की वजह से यह नहीं पता चल पाया कि यह पेनाल्टी किन कारणों से कटी। इमरान ने बजाज, बैंक ऑफ बड़ौदा और प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायती पत्र भेजा है।
1211 रुपये की किस्त में 500 की पेनाल्टी
सनिगवां रोड, कांशीराम कालोनी निवासी प्रदीप कुमार के नौ लोन खाते चल रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से इनका व्यवसाय ठप है और आय के स्रोत खत्म हो चुके हैं। 28 अप्रैल को एलआईसी की 1211 रुपये की किस्त जमा नहीं हो सकी। इस पर चेक बाउंस की पेनाल्टी 500 रुपये बैंक से कट गई। एलआईसी की दो और बजाज फाइनेंस की दो किस्तें जमा होनी हैं।
प्रदीप का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से एलआईसी और बजाज फाइनेंस के ऑफिस तक पहुंच नहीं पा रहा हूं। इन प्रतिष्ठानों को अन्य बैंकों की तरह किस्तें काटने या न काटने की सहमति भी नहीं जानी है। अब दिक्कत ये है कि आने वाली किस्तें न कटने की बात इन तक पहुंचा नहीं पा रहे हैं और खाते में पैसा नहीं है। व्यवस्था ये होनी चाहिए कि खाते में पैसा कम देखकर किस्त के भुगतान की प्रक्रिया टल जाती। इससे पेनाल्टी से बचा जा सकता है।
सनिगवां रोड, कांशीराम कालोनी निवासी प्रदीप कुमार के नौ लोन खाते चल रहे हैं। लॉकडाउन की वजह से इनका व्यवसाय ठप है और आय के स्रोत खत्म हो चुके हैं। 28 अप्रैल को एलआईसी की 1211 रुपये की किस्त जमा नहीं हो सकी। इस पर चेक बाउंस की पेनाल्टी 500 रुपये बैंक से कट गई। एलआईसी की दो और बजाज फाइनेंस की दो किस्तें जमा होनी हैं।
प्रदीप का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से एलआईसी और बजाज फाइनेंस के ऑफिस तक पहुंच नहीं पा रहा हूं। इन प्रतिष्ठानों को अन्य बैंकों की तरह किस्तें काटने या न काटने की सहमति भी नहीं जानी है। अब दिक्कत ये है कि आने वाली किस्तें न कटने की बात इन तक पहुंचा नहीं पा रहे हैं और खाते में पैसा नहीं है। व्यवस्था ये होनी चाहिए कि खाते में पैसा कम देखकर किस्त के भुगतान की प्रक्रिया टल जाती। इससे पेनाल्टी से बचा जा सकता है।