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लॉकडाउन में आम की फसल पर संकट
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कानपुर। आम की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इस बार पेड़ों में देर से कम बौर आए। अब फलों में कीड़े लगना शुरू हो गए। दूसरी तरफ लाक डाउन की वजह से सरकारी आम के बागों की नीलामी नहीं हो सकी है। पेड़ों को पानी नहीं मिल पा रहा है। देखरेख के अभाव में बच्चे ईट पत्थर मारकर फसल बर्बाद कर रहे हैं।
कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली और चौबेपुर ब्लॉक के रायपुर गांव में निचली गंगा नहर पुल के पास आम के तीन बड़े सरकारी बाग हैं। हर साल मार्च के अंतिम और अप्रैल के पहले सप्ताह में बागों की नीलामी हो जाती थी। इसके अलावा भी शहर के किनारों पर बसे गांवों में भी सरकारी आम के बगीचे हैं। इन सभी बगीचों की देखरेख नहीं हो पा रही है। अमित ठाकुर बताते हैं कि वह पिछले तीन साल से ठेका ले रहे थे। लाकडाऊन के चलते बागों की नीलामी नहीं हो सकी। पेड़ों को खाद और पानी की जरूरत है। बागों की जल्द नीलामी की जाए। रामबली गौतम बताते हैं कि हर साल गंगा मेला के बाद नीलामी हो जाती थी। इस बार ऐसा नहीं हो सका। पेड़ों पर अच्छी बौर आई है। देखरेख की जरूरत है।
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कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली और चौबेपुर ब्लॉक के रायपुर गांव में निचली गंगा नहर पुल के पास आम के तीन बड़े सरकारी बाग हैं। हर साल मार्च के अंतिम और अप्रैल के पहले सप्ताह में बागों की नीलामी हो जाती थी। इसके अलावा भी शहर के किनारों पर बसे गांवों में भी सरकारी आम के बगीचे हैं। इन सभी बगीचों की देखरेख नहीं हो पा रही है। अमित ठाकुर बताते हैं कि वह पिछले तीन साल से ठेका ले रहे थे। लाकडाऊन के चलते बागों की नीलामी नहीं हो सकी। पेड़ों को खाद और पानी की जरूरत है। बागों की जल्द नीलामी की जाए। रामबली गौतम बताते हैं कि हर साल गंगा मेला के बाद नीलामी हो जाती थी। इस बार ऐसा नहीं हो सका। पेड़ों पर अच्छी बौर आई है। देखरेख की जरूरत है।
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