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शहर के आयुष को मिलेगा एमआईटी में एडमिशन
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 08 Apr 2015 02:55 AM IST
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शहर के 17 वर्षीय मेधावी आयुष शर्मा को अमेरिका की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी मैसाच्युएट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के अंडर ग्रेजुएट (बीटेक) प्रोग्राम में एडमिशन मिलेगा। एमआईटी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी है। आयुष को करीब एक करोड़ रुपये की स्कालरशिप मिली है।
केंद्रीय विद्यालय, आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट आयुष के पिता सरकारी विभाग में मेकेनिक हैं। बेटे की इस सफलता पर माता-पिता ने खुशी जताई है। साथ ही कहा है कि यह गर्व का क्षण है। आयुष की उपलब्धि की चर्चा मंगलवार को सोशल मीडिया पर खूब रही।
मिडिल क्लास फैमिली से जुड़े आयुष ने 14 मार्च 2015 को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड टेस्ट आफ इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिसिएंसी (टीओईएफएल) का आनलाइन पेपर दिया और सेलेक्शन हो गया। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी का स्टैंडराइज्ड टेस्ट फार कॉलेज एडमिशन (सैट) को भी क्रैक करके स्कालरशिप हासिल की है।
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केंद्रीय विद्यालय के इस स्टूडेंट की इंग्लिश पर जबरदस्त पकड़ है। टफ इंग्लिश भी आसानी से बोल लेते हैं। सफलता से उत्साहित मेकेनिक के बेटे ने कहा कि आईआईटी के पूर्व स्टूडेंट की ओर से संचालित सोशल इंटरप्राइज ‘अवंती’ ने खास मदद की है। सबसे पहले रिसर्च, एजूकेशन की विदेशी अप्लीकेशन की जानकारी दी।
फिर येल ग्लोबल स्कालरशिप का आनलाइन प्रोग्राम में हिस्सा दिलवाया। येल यूनिवर्सिटी के शार्ट टर्म प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया। इससे व्यक्तित्व में निखार आया है। आयुष का कहना है कि कक्षा 7, 8 से ही रिसर्च की जानकारी हासिल करने की इच्छा जाग गई थी।
इसमें आईआईटी कानपुर की फैकल्टी, स्टूडेंट और एक्स स्टूडेंट का पूरा सहयोग मिला। इंटरनेशनल न्यूज पेपर पढ़ने की आदत डाली, जिससे कि इंग्लिश बोलने और लिखने में काफी मदद मिली। उसका कहना है, मैं, सामान्य परिवार से जुड़ा हूं। पूरे परिवार ने नहीं सोचा था कि विदेश से पढ़ाई करूंगा।
यह सपना अब सच हो गया है। माता-पिता ने डिग्री कॉलेज तक की शिक्षा नहीं ली है। अब मैं, विदेश से ग्रेजुएट बनूंगा। अमेरिकी विश्वविद्यालय किस तरह से काम करते हैं, इसकी जानकारी आयुष को नहीं हैं, फिर भी एमआईटी को टॉप करने का दम भर रहे हैं।
एमआईटी में एडमिशन का टिकट पाने वाले आयुष शर्मा आईआईटी जेईई की तैयारी कर रहे हैं। फिजिक्स उनका पसंदीदा सब्जेक्ट है। अनोखे आइडियाज पर काम करना अच्छा लगता है। आयुष ने एमआईटी की स्कालरशिप के लिए मैथ के लेवल 1, 2 और फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी की कठिन और आनलाइन परीक्षा पास की है।
आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय ‘अवंती’ के वरुण वर्मा को दिया है, जो कि आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं। आयुष का कहना है कि आईआईटियन की मदद के बगैर एमआईटी में एडमिशन का सफर तय कर पाना बड़ा मुश्किल था।
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केंद्रीय विद्यालय, आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट आयुष के पिता सरकारी विभाग में मेकेनिक हैं। बेटे की इस सफलता पर माता-पिता ने खुशी जताई है। साथ ही कहा है कि यह गर्व का क्षण है। आयुष की उपलब्धि की चर्चा मंगलवार को सोशल मीडिया पर खूब रही।
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मिडिल क्लास फैमिली से जुड़े आयुष ने 14 मार्च 2015 को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड टेस्ट आफ इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिसिएंसी (टीओईएफएल) का आनलाइन पेपर दिया और सेलेक्शन हो गया। फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी का स्टैंडराइज्ड टेस्ट फार कॉलेज एडमिशन (सैट) को भी क्रैक करके स्कालरशिप हासिल की है।
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केंद्रीय विद्यालय के इस स्टूडेंट की इंग्लिश पर जबरदस्त पकड़ है। टफ इंग्लिश भी आसानी से बोल लेते हैं। सफलता से उत्साहित मेकेनिक के बेटे ने कहा कि आईआईटी के पूर्व स्टूडेंट की ओर से संचालित सोशल इंटरप्राइज ‘अवंती’ ने खास मदद की है। सबसे पहले रिसर्च, एजूकेशन की विदेशी अप्लीकेशन की जानकारी दी।
फिर येल ग्लोबल स्कालरशिप का आनलाइन प्रोग्राम में हिस्सा दिलवाया। येल यूनिवर्सिटी के शार्ट टर्म प्रोग्राम में भी हिस्सा लिया। इससे व्यक्तित्व में निखार आया है। आयुष का कहना है कि कक्षा 7, 8 से ही रिसर्च की जानकारी हासिल करने की इच्छा जाग गई थी।
इसमें आईआईटी कानपुर की फैकल्टी, स्टूडेंट और एक्स स्टूडेंट का पूरा सहयोग मिला। इंटरनेशनल न्यूज पेपर पढ़ने की आदत डाली, जिससे कि इंग्लिश बोलने और लिखने में काफी मदद मिली। उसका कहना है, मैं, सामान्य परिवार से जुड़ा हूं। पूरे परिवार ने नहीं सोचा था कि विदेश से पढ़ाई करूंगा।
यह सपना अब सच हो गया है। माता-पिता ने डिग्री कॉलेज तक की शिक्षा नहीं ली है। अब मैं, विदेश से ग्रेजुएट बनूंगा। अमेरिकी विश्वविद्यालय किस तरह से काम करते हैं, इसकी जानकारी आयुष को नहीं हैं, फिर भी एमआईटी को टॉप करने का दम भर रहे हैं।
एमआईटी में एडमिशन का टिकट पाने वाले आयुष शर्मा आईआईटी जेईई की तैयारी कर रहे हैं। फिजिक्स उनका पसंदीदा सब्जेक्ट है। अनोखे आइडियाज पर काम करना अच्छा लगता है। आयुष ने एमआईटी की स्कालरशिप के लिए मैथ के लेवल 1, 2 और फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी की कठिन और आनलाइन परीक्षा पास की है।
आयुष ने अपनी सफलता का श्रेय ‘अवंती’ के वरुण वर्मा को दिया है, जो कि आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं। आयुष का कहना है कि आईआईटियन की मदद के बगैर एमआईटी में एडमिशन का सफर तय कर पाना बड़ा मुश्किल था।