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कानपुर: एलएमएल को नहीं मिल रहा खरीदार, पांचवीं बार निकाला नोटिस
Thu, 07 Jan 2021 02:03 AM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 07 Jan 2021 02:03 AM IST
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कानपुर ही नहीं कभी देश की शान रही एलएमएल (लोहिया मशीन्स लिमिटेड) की संपत्तियों को खरीदने के लिए खरीदार नहीं मिल रहे हैं। लिक्विडेशन में चल रही कंपनी की संपत्तियों की बिक्री के लिए पांचवीं बार नोटिस निकाला गया है।
खरीदारों को 18 जनवरी तक का समय दिया गया है। अलग-अलग कंपनियों के 959 शेयरों को भी खरीदने के लिए खरीदारों को आमंत्रित किया है। कंपनी की पनकी औद्योगिक क्षेत्र सी-10 साइट दो और ए-वन साइट तीन में 67.56 एकड़ जगह है।
इसकी अनुमानित कीमत करीब 275 करोड़ से अधिक है। एलएमएल की कानपुर और मुंबई की कुछ संपत्तियां बेची जा चुकी हैं। पनकी स्थित फैक्ट्री की जमीन, मशीनरी और प्लांट के लिए पहले भी चार बार बोली लगाई जा चुकी है। हालांकि संपत्ति की वाजिब कीमत न मिलने पर नीलामी निरस्त कर दी गई थी।
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अब नए सिरे से नीलामी के लिए बुुधवार को एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) का नोटिस निकाला गया है। यह नीलामी के पहले की प्रक्रिया है। इसमें संपत्ति समेत रिलाइंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 300 इक्विटी शेयर, रिलाइंस होम फाइनेंस के 109, कल्याणी फोर्ज लिमिटेड के 100 शेयर भी शामिल हैं।
एक समय देश की सबसे बड़ी दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी थी
बजाज कंपनी को टक्कर देने वाली एलएमएल की स्थापना 1982 में हुई थी। 10 साल पहले कंपनी की देनदारियां बढ़ गईं। कंपनी पर चार सौ करोड़ का कर्जा हो गया। बैंक के खाते एनपीए होने पर दिवालिया कानून के तहत मामला एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) पहुंचा। एनसीएलटी ने लिक्विडेर (ऋणशोधक) तैनात करके कंपनी की संपत्तियों की बिक्री करके बकायेदारों की रकम का भुगतान कराने के निर्देश दिए थे।
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खरीदारों को 18 जनवरी तक का समय दिया गया है। अलग-अलग कंपनियों के 959 शेयरों को भी खरीदने के लिए खरीदारों को आमंत्रित किया है। कंपनी की पनकी औद्योगिक क्षेत्र सी-10 साइट दो और ए-वन साइट तीन में 67.56 एकड़ जगह है।
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इसकी अनुमानित कीमत करीब 275 करोड़ से अधिक है। एलएमएल की कानपुर और मुंबई की कुछ संपत्तियां बेची जा चुकी हैं। पनकी स्थित फैक्ट्री की जमीन, मशीनरी और प्लांट के लिए पहले भी चार बार बोली लगाई जा चुकी है। हालांकि संपत्ति की वाजिब कीमत न मिलने पर नीलामी निरस्त कर दी गई थी।
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अब नए सिरे से नीलामी के लिए बुुधवार को एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) का नोटिस निकाला गया है। यह नीलामी के पहले की प्रक्रिया है। इसमें संपत्ति समेत रिलाइंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 300 इक्विटी शेयर, रिलाइंस होम फाइनेंस के 109, कल्याणी फोर्ज लिमिटेड के 100 शेयर भी शामिल हैं।
एक समय देश की सबसे बड़ी दो पहिया वाहन निर्माता कंपनी थी
बजाज कंपनी को टक्कर देने वाली एलएमएल की स्थापना 1982 में हुई थी। 10 साल पहले कंपनी की देनदारियां बढ़ गईं। कंपनी पर चार सौ करोड़ का कर्जा हो गया। बैंक के खाते एनपीए होने पर दिवालिया कानून के तहत मामला एनसीएलटी (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) पहुंचा। एनसीएलटी ने लिक्विडेर (ऋणशोधक) तैनात करके कंपनी की संपत्तियों की बिक्री करके बकायेदारों की रकम का भुगतान कराने के निर्देश दिए थे।