फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Liquid made from mango seeds will kill bacteria and fungus, UPTTI professor has prepared nano emulsion

UP: बैक्टीरिया-फंगस खत्म करेगा आम की गुठली से बना लिक्विड, यूपीटीटीआई की प्रोफेसर ने तैयार किया है नैनो इमल्शन

Fri, 23 Aug 2024 02:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 23 Aug 2024 02:57 PM IST
सार

Kanpur News: यूपीटीटीआई की प्रोफेसर नीलू कंबो द्वारा तैयार किया गया इको फ्रेंडली नैनो इमल्शन केमिकल फ्री है। इस लिक्विड की बेहद कम मात्रा में अधिक फायदा होगा। घर की सफाई में फिनायल के स्थान पर, अस्पताल में डॉक्टर के लिए, बच्चों को मच्छर से बचाने, कपड़े धोने के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

विज्ञापन
Liquid made from mango seeds will kill bacteria and fungus, UPTTI professor has prepared nano emulsion
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की प्रोफेसर डॉ. नीलू कंबो ने आम की गुठली से ऐसा नैनो इमल्शन (लिक्विड) तैयार किया है जो बैक्टीरिया और फंगस खत्म करने में सक्षम है। खास बात यह है कि यह आठ तरह के फंगस को खत्म करने में कारगर है। पूरी तरह के केमिकल फ्री इस लिक्विड को पेटेंट मिल गया है, जल्द इसे बाजार में लाया जा सकता है।

विज्ञापन

यूपीटीटीआई की केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की डॉ. नीलू कंबो ने डॉ. सौरभ दुबे और शुभम जोशी की मदद से आम की गुठली और देवदार की लकड़ी से निकलने तेल की मदद से इस नैनो इमल्शन को तैयार किया है। डॉ. कंबो ने बताया कि देश में पूरे विश्व का 55 फीसदी आम होता है। आम खाकर गुठली फेंक दी जाती है, जबकि इस गुठली में काफी गुण होते हैं।
विज्ञापन

इसका एक गुण यह है कि यह एंटी माइक्रोबियल भी है। इसके अलावा देवदार की लकड़ी से निकलने वाले तेल में नैनो तकनीक का इस्तेमाल करके नैनो इमल्शन तैयार किया है। इस लिक्विड को लगाने से बैक्टीरिया पनप भी नहीं सकेंगे। टेस्टिंग में देखा गया कि इसके इस्तेमाल से एसऑरेस और इकोलाई जैसे बैक्टीरिया और आठ प्रकार के फंगस खत्म हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन जगहों पर हो रहा इस्तेमाल
डॉ. कंबो ने बताया कि नैनो तकनीक का इस्तेमाल होने की वजह से इस लिक्विड की बेहद कम मात्रा में अधिक फायदा होगा। घर की सफाई में फिनायल के स्थान पर, अस्पताल में डॉक्टर के लिए, बच्चों को मच्छर से बचाने, कपड़े धोने के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी खास बात है कि इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसकी टेस्टिंग यूपीटीटीआई और पुणे में हुई है। हालांकि एक बार इस्तेमाल में इसका असर कितनी देर तक रहेगा, इस पर रिसर्च चल रही है।

कपड़े पर नैनो इमल्शन की कोटिंग की तैयारी
डॉ. नीलू ने कहा कि कपड़ों पर इस लिक्विड की कोटिंग की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस इमल्शन की अगर कोटिंग कपड़ों पर हो जाए तो बैक्टीरिया नहीं पनपेंगे और पसीने की बदबू से छुटकारा मिलेगा। केमिकल फ्री होने के साथ इसे बजट फ्रेंडली भी बनाया जा रहा है।

अंगूर के बीज से भी बनाया जा रहा इमल्शन
डॉ. नीलू ने बताया कि अंगूर के बीज का इस्तेमाल करके भी ऐसा ही इमल्शन तैयार किया गया है। इसके पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है। जल्द पेटेंट मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed