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गरीबी में बीता कोविंद का बचपन, झोपड़ी में आग लगने की वजह से हो गया था मां का देहान्त
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:55 PM IST
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रामनाथ कोविंद
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देश के 14वें राष्ट्रपति बनने जा रहे कानपुर के रामनाथ कोविंद का बचपन गरीबी में बीता था। रामनाथ के साथ कक्षा आठ तक पढ़ने वाले उनके बचपन के दोस्त जसवंत ने बताया कि घास-फूस की झोपड़ी में उनका पूरा परिवार रहता था। जब कोविंद की उम्र 5-6 वर्ष की थी तो उनके घर में आग लग गई थी जिसमें उनकी मां की मौत हो गई थी। मां का साया छिनने के बाद उनके पिता ने ही उनका लालन-पालन किया। गांव में अभी भी दो कमरे का घर है जिसका इस्तेमाल सार्वजनिक काम के लिए होता है। ग्रामीणों ने बताया कि कोविंद 13 साल की उम्र में 13 किमी चलकर कानपुर पढ़ने जाते थे।
भतीजों की कपड़े की दुकान
रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल अपने बेटे पंकज के साथ झींझक में रहते हैं। पंकज की कपड़े की दुकान है। दूसरे भाई मोहनलाल के बेटे सुरेश की भी झींझक में कपड़े की दुकान है। इतनी बड़ी हस्ती के सगे संबंधी होने के बावजूद दोनों सादगी से जीवन यापन कर रहे हैं।
लौकी और पालक की सब्जी है पसंद
रामनाथ कोविंद को लौकी और पालक की सब्जी बहुत पसंद है। वे सादा खाना ही पसंद करते हैं। यहां कोविंद के इंद्रानगर स्थित आवास के सामने रहने वाली सुमन शुक्ला ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकान बनवाते समय अधिकतर कोविंद जी उनके ही घर में भोजन करते थे।
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भतीजों की कपड़े की दुकान
रामनाथ कोविंद के बड़े भाई प्यारेलाल अपने बेटे पंकज के साथ झींझक में रहते हैं। पंकज की कपड़े की दुकान है। दूसरे भाई मोहनलाल के बेटे सुरेश की भी झींझक में कपड़े की दुकान है। इतनी बड़ी हस्ती के सगे संबंधी होने के बावजूद दोनों सादगी से जीवन यापन कर रहे हैं।
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लौकी और पालक की सब्जी है पसंद
रामनाथ कोविंद को लौकी और पालक की सब्जी बहुत पसंद है। वे सादा खाना ही पसंद करते हैं। यहां कोविंद के इंद्रानगर स्थित आवास के सामने रहने वाली सुमन शुक्ला ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकान बनवाते समय अधिकतर कोविंद जी उनके ही घर में भोजन करते थे।
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