पूर्व भाजपा नेता को आजीवन कारावास: हत्या के मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो मिले दोषी, जानें पूरा मामला
Etawah News: साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव प्रताप राजपूत और दीपक शर्मा को अपहरण के बाद हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश चवन प्रकाश ने हत्या के नौ साल पुराने अपहरण के बाद हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो लोगों को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट न उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उस पर एक लाख दस हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के वकील अवनीश कुमार यादव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला आनंद नगर निवासी रिटायर्ड शिक्षक मोहर सिंह यादव ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि 19 अप्रैल 2015 को उसका पुत्र संतोष कुमार अपने घर पर था, तभी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव प्रताप राजपूत निवासी आनंद नगर अपने साथी दीपक शर्मा निवासी विजय नगर ने उसे घर से बुलाया। वह घर से बाहर आया तो उक्त लोग उसे कार में डालकर उसका अपहरण कर ले गए।
बाद में उक्त लोगों ने अपहरण करने के बाद उसकी गोली मारकर हत्या कर दी और शव को क्वारी नदी में फेंक दिया। संतोष का शव सहसों थाना क्षेत्र में नदी से बरामद हुआ। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से संतोष की मौत होने की पुष्टि हुई थी। रिटायर्ड टीचर मोहर सिंह यादव की तहरीर पर पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिव प्रताप राजपूत उसके साथी विजयनगर निवासी दीपक शर्मा के खिलाफ अपहरण हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए थे।
मामले की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में हुई। वादी की ओर से अवनीश यादव व राजेंद्र सिंह ने साक्ष्य व गवाह पेश किए। सुनवाई के बाद साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने शिव प्रताप राजपूत और दीपक शर्मा को अपहरण के बाद हत्या व साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर एक लाख दस हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया।