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कानपुर: पार्षदी चुनाव की रंजिश में हत्या करने वाले चार लोगों को उम्रकैद, ये है पूरा मामला
Sun, 21 Mar 2021 03:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 21 Mar 2021 03:11 PM IST
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कानपुर में पार्षद के चुनाव की रंजिश में सरेआम गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला जज 17 सैफ अहमद ने चार दोषियों को उम्रकैद व 17-17 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि तीन आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
कर्नलगंज के छोटे मियां हाता निवासी सईद नाटे वर्ष 2012 में होने वाले पार्षद के चुनाव की तैयारी कर रहा था। इसी बात को लेकर विरोधी रंजिश मानते थे। 27 मार्च 2012 को सुबह 11:30 बजे जब सईद कार्यालय में बैठा था तभी मोहल्ले के रफीक उर्फ मोटा, जाने आलम गोश्त वाला, मुन्ना उर्फ फरीद उर्फ लग्घड़, रफीक का बेटा तथा तीन अन्य हमलावरों ने गोलियां और चाकू मारकर सईद की हत्या कर दी थी।
कार्यालय के पास खड़े सईद के भाई मो.वसीक, मो.शरीफ व सईद की नौ वर्षीय बेटी फौजिया ने भी घटना को देखा था। एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि कोर्ट ने रफीक, जाने आलम, मुन्ना लग्घड़ और शेखू को सजा सुनाई जबकि मो. गौहर, गुड्डू व साहबे आलम को बरी कर दिया है। इस केस में सिर्फ शेखू को ही जमानत मिल सकी थी। रफीक, मुन्ना व जाने आलम तीनों जेल में ही कैद हैं। घटना के आरोपी एक किशोर की फाइल किशोर न्यायालय में चल रही है।
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कर्नलगंज के छोटे मियां हाता निवासी सईद नाटे वर्ष 2012 में होने वाले पार्षद के चुनाव की तैयारी कर रहा था। इसी बात को लेकर विरोधी रंजिश मानते थे। 27 मार्च 2012 को सुबह 11:30 बजे जब सईद कार्यालय में बैठा था तभी मोहल्ले के रफीक उर्फ मोटा, जाने आलम गोश्त वाला, मुन्ना उर्फ फरीद उर्फ लग्घड़, रफीक का बेटा तथा तीन अन्य हमलावरों ने गोलियां और चाकू मारकर सईद की हत्या कर दी थी।
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कार्यालय के पास खड़े सईद के भाई मो.वसीक, मो.शरीफ व सईद की नौ वर्षीय बेटी फौजिया ने भी घटना को देखा था। एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि कोर्ट ने रफीक, जाने आलम, मुन्ना लग्घड़ और शेखू को सजा सुनाई जबकि मो. गौहर, गुड्डू व साहबे आलम को बरी कर दिया है। इस केस में सिर्फ शेखू को ही जमानत मिल सकी थी। रफीक, मुन्ना व जाने आलम तीनों जेल में ही कैद हैं। घटना के आरोपी एक किशोर की फाइल किशोर न्यायालय में चल रही है।
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