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औरैया: बालक को अगवा कर हत्या के दोषी को उम्रकैद, 2017 को हुई थी घटना
Thu, 24 Sep 2020 09:20 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 24 Sep 2020 09:20 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
औरैया जिले में सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने फफूंद थाना क्षेत्र के गांव पुर्वा आशा में छह वर्षीय बालक की अपहरण के बाद हत्या करने के मामले में कन्नौज के ठठिया निवासी प्रेमचंद उर्फ भगत को उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि वादी को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव पुर्वा आशा निवासी प्रमोद कुमार पुत्र सुदामा लाल ने फफूंद थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि प्रेमचंद उनकी लड़की ज्योति का मिर्गी का इलाज करने आता था।
10 अगस्त 2017 की रात को घर के सभी लोग सो रहे थे। छह वर्षीय पुत्र विमल उसके पास लेटा था। रात में किसी समय प्रेमचंद्र विमल को लेकर चला गया। रात तीन बजे घर वालों की नींद खुली तो प्रेमचंद और विमल को न पाकर 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया और खोजबीन शुरू कर दी।
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साथ ही 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि वादी को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव पुर्वा आशा निवासी प्रमोद कुमार पुत्र सुदामा लाल ने फफूंद थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि प्रेमचंद उनकी लड़की ज्योति का मिर्गी का इलाज करने आता था।
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10 अगस्त 2017 की रात को घर के सभी लोग सो रहे थे। छह वर्षीय पुत्र विमल उसके पास लेटा था। रात में किसी समय प्रेमचंद्र विमल को लेकर चला गया। रात तीन बजे घर वालों की नींद खुली तो प्रेमचंद और विमल को न पाकर 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया और खोजबीन शुरू कर दी।
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अगले दिन सुबह 6:30 बजे विमल का शव गांव के सामने रेलवे ट्रैक पर मिला। लड़के का दाहिना हाथ कटा हुआ था और दायीं कनपटी पर चोट के निशान थे। प्रमोद कुमार की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमचंद के खिलाफ अपहरण व हत्या का मामला दर्ज किया था।
बाद में पता चला कि प्रमोद कुमार ने किसी काम के लिए प्रेमचंद से रुपया उधार लिया था। तगादा करने पर दोनों में कहासुनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर प्रेमचंद ने प्रमोद के बच्चे विमल का अपहरण और हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
यह मुकदमा सत्र न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने हत्या का दोषी मानते हुए प्रेमचंद को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के चलते अभियुक्त प्रेमचंद की पेशी जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई।
बाद में पता चला कि प्रमोद कुमार ने किसी काम के लिए प्रेमचंद से रुपया उधार लिया था। तगादा करने पर दोनों में कहासुनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर प्रेमचंद ने प्रमोद के बच्चे विमल का अपहरण और हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
यह मुकदमा सत्र न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. दीपक स्वरूप सक्सेना ने हत्या का दोषी मानते हुए प्रेमचंद को आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के चलते अभियुक्त प्रेमचंद की पेशी जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई।