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कानपुर: हत्या में तीन पीढ़ियों के पांच लोगों को उम्रकैद, रंजिश में सात साल पहले सरेआम मार दी थी गोली
Sat, 27 Nov 2021 10:39 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 27 Nov 2021 10:39 AM IST
सार
एडीजीसी गौरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभियोजन की ओर से 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पुरानी रंजिश में सरेआम गोली मारकर युवक की हत्या के दोषी बाप, उसके तीन बेटों और नाती को अपर जिला जज-14 की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। अवैध रूप से असलहा रखने में तीन दोषियों को पांच-पांच हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना अदा करना होगा।
जूही के रत्तूपुरवा निवासी तीन भाई राघवेंद्र, गजेंद्र और राजीव मिश्रा तीन जनवरी 2014 को दवा लेने मेडिकल स्टोर जा रहे थे। कॉमरेड रिक्शा कंपनी के सामने मोहल्ले के सागर सोनकर, उसके बेटों अमित, कुलदीप व भीम और सीसामऊ निवासी नाती अंकुर सोनकर ने पुरानी रंजिश में तीनों को घेरकर राजीव के सिर पर गोली मार दी थी।
गोलियां चलने की आवाज सुनकर मोहल्ले के निजाम अली, अशफाक आलम आए तो सभी लोग हवाई फायरिंग करते हुए धमकी देकर फरार हो गए। राजीव को हैलट ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी। एडीजीसी गौरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभियोजन की ओर से 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
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सुबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही आर्म्स एक्ट में दोषी पाए जाने पर कुलदीप, अमित और अंकुर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। चश्मदीद गवाह अशफाक कोर्ट में बयान से मुकर गया था। कोर्ट ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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जूही के रत्तूपुरवा निवासी तीन भाई राघवेंद्र, गजेंद्र और राजीव मिश्रा तीन जनवरी 2014 को दवा लेने मेडिकल स्टोर जा रहे थे। कॉमरेड रिक्शा कंपनी के सामने मोहल्ले के सागर सोनकर, उसके बेटों अमित, कुलदीप व भीम और सीसामऊ निवासी नाती अंकुर सोनकर ने पुरानी रंजिश में तीनों को घेरकर राजीव के सिर पर गोली मार दी थी।
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गोलियां चलने की आवाज सुनकर मोहल्ले के निजाम अली, अशफाक आलम आए तो सभी लोग हवाई फायरिंग करते हुए धमकी देकर फरार हो गए। राजीव को हैलट ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी। एडीजीसी गौरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि अभियोजन की ओर से 12 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
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सुबूतों और गवाहों के आधार पर अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने पांचों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही आर्म्स एक्ट में दोषी पाए जाने पर कुलदीप, अमित और अंकुर पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। चश्मदीद गवाह अशफाक कोर्ट में बयान से मुकर गया था। कोर्ट ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।