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वकीलों ने एसडीएम से की हाथापाई, मदरसा और स्कूल के प्रबंधकों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 01 Nov 2018 09:40 PM IST
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विवाद के बाद कार्यालय में बैठे एसडीएम सदर और एएसपी
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फर्रुखाबाद जिले में भड़ौसा स्थित मदरसे में अनियमितता मिलने पर पेशे से अधिवक्ता प्रबंधक को थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द करने व रिपोर्ट लिखने के आदेश देने से भड़के समर्थक वकीलों ने एसडीएम से हाथापाई कर दी। बवाल बढ़ने पर दो थानों की फोर्स लेकर पहुंचे एएसपी ने मामला शांत कराया और डीएम से वार्ता कर एसडीएम को कलक्ट्रेट से हटाया। डीएम ने एडीएम और एएसपी को मामले की जांच सौंप दी है।
जहानगंज थाने के भड़ौसा गांव में मदरसे की शिकायत पर एसडीएम सदर अमित आसेरी जांच करने पहुंचे थे। उन्हें मदरसे में 14 बच्चे ही पढ़ते मिले, जबकि घोषित तौर पर 160 बच्चे पंजीकृत बताए गए हैं। जो बच्चे मिले वे इसी मदरसे के प्रबंधक के भाई द्वारा संचालित स्कूल के बताए गए। इस पर एसडीएम ने प्रबंधक हारुन सिद्दीकी को थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ समाज कल्याण अधिकारी को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया।
इसके बाद जब एसडीएम अपने कार्यालय पहुंचे तो प्रबंधक के समर्थक अधिवक्ता वार्ता करने पहुंचे गए। आरोप है कि मुलाकात के लिए एसडीएम ने लाइन से एक-एक करके आने को कहा। इस बात पर अधिवक्ता भड़क गए और उन्होंने एसडीएम से हाथापाई कर दी। सूचना पर एएसपी फोर्स लेकर पहुंचे तब मामला शांत हुआ। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच एडीएम न्यायिक भानुप्रताप और एएसपी त्रिभुवन सिंह को सौंपी है। फिलहाल थाने में मदरसे और स्कूल के प्रबंधकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली गई है।
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जहानगंज थाने के भड़ौसा गांव में मदरसे की शिकायत पर एसडीएम सदर अमित आसेरी जांच करने पहुंचे थे। उन्हें मदरसे में 14 बच्चे ही पढ़ते मिले, जबकि घोषित तौर पर 160 बच्चे पंजीकृत बताए गए हैं। जो बच्चे मिले वे इसी मदरसे के प्रबंधक के भाई द्वारा संचालित स्कूल के बताए गए। इस पर एसडीएम ने प्रबंधक हारुन सिद्दीकी को थाने ले जाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ समाज कल्याण अधिकारी को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया।
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इसके बाद जब एसडीएम अपने कार्यालय पहुंचे तो प्रबंधक के समर्थक अधिवक्ता वार्ता करने पहुंचे गए। आरोप है कि मुलाकात के लिए एसडीएम ने लाइन से एक-एक करके आने को कहा। इस बात पर अधिवक्ता भड़क गए और उन्होंने एसडीएम से हाथापाई कर दी। सूचना पर एएसपी फोर्स लेकर पहुंचे तब मामला शांत हुआ। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच एडीएम न्यायिक भानुप्रताप और एएसपी त्रिभुवन सिंह को सौंपी है। फिलहाल थाने में मदरसे और स्कूल के प्रबंधकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की ली गई है।
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