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Kanpur News: अधिवक्ता हत्याकांड को लेकर अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार, सौंपा ज्ञापन
Sat, 14 Feb 2026 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:41 AM IST
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कानपुर देहात। रामपुर में अधिवक्ता फारूक अहमद खां की दिन दहाड़े हुई हत्या के विरोध में जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर जनपद के अधिवक्ता ने न्यायिक कार्य से विरत रहे। साथ ही राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप अधिवक्ताओं ने सुरक्षा की मांग करते हुए हत्यारों पर एनएसए लगाने और मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने का कार्य करते हैं, किंतु अपराधियों के विरुद्ध मुकदमे लड़ने के कारण वे अक्सर असामाजिक तत्वों के निशाने पर आ जाते हैं। न्यायालय परिसर के निकट हुई यह हत्या न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत अहम है। यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित होगी।
उन्होंने अधिवक्ताओं की सामाजिक एवं जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग की। ज्ञापन में हत्यारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने, मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, प्रदेश में अधिवक्ताओं की हुई हत्याओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान रमेश चंद्र सिंह गौर, दुर्गेश चंद्र, सर्वेंद्र सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र बाबू, प्रीति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने का कार्य करते हैं, किंतु अपराधियों के विरुद्ध मुकदमे लड़ने के कारण वे अक्सर असामाजिक तत्वों के निशाने पर आ जाते हैं। न्यायालय परिसर के निकट हुई यह हत्या न्याय व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़ा करती है। वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत अहम है। यदि अधिवक्ता ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता प्रभावित होगी।
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उन्होंने अधिवक्ताओं की सामाजिक एवं जीवन सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग की। ज्ञापन में हत्यारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने, मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, प्रदेश में अधिवक्ताओं की हुई हत्याओं की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान रमेश चंद्र सिंह गौर, दुर्गेश चंद्र, सर्वेंद्र सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र बाबू, प्रीति त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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