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Kanpur: मजिस्ट्रेट से छेड़छाड़ में वकील को तीन साल कैद, दूसरे जिले में तैनाती के दौरान हुई थी घटना
Sat, 01 Mar 2025 11:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: हिमांशु अवस्थी
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:54 AM IST
सार
Kanpur News: मुकदमे में बयान दर्ज कराने पहुंचीं मजिस्ट्रेट के साथ स्थानीय वकीलों ने अभद्रता की। इस पर मुकदमे की सुनवाई लखनऊ स्थानांतरित कर दी गई थी। इस दौरान मजिस्ट्रेट का भी कानपुर नगर में स्थानांतरण हो गया।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
महिला मजिस्ट्रेट से छेड़छाड़ करने के दोषी वकील को लखनऊ की विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कस्टम) की अदालत ने तीन साल कैद और 61 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना के समय उनकी तैनाती दूसरे जिले में थी। अब वह कानपुर नगर में तैनात हैं। प्रदेश के एक जिले में 18 जनवरी 2019 से 9 जनवरी 2023 तक कार्यरत रहीं महिला मजिस्ट्रेट ने 11 नवंबर 2022 को वहां की कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा था कि अधिवक्ता अभय प्रताप ने अपने फेसबुक अकाउंट से उनके फेसबुक अकाउंट पर आपत्तिजनक मैसेज भेजे। वह विश्राम कक्ष के आसपास घूमकर इशारे करता था। अमर्यादित और अशोभनीय मैसेज भेजकर उनका मानसिक उत्पीड़न करता था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अभय ने न्यायालय आकर मुकदमा वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। अभय को जमानत मिल जाने पर मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
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प्रोबेशन अधिनियम का लाभ भी नहीं दिया गया
मुकदमे में बयान दर्ज कराने पहुंचीं मजिस्ट्रेट के साथ स्थानीय वकीलों ने अभद्रता की। इस पर मुकदमे की सुनवाई लखनऊ स्थानांतरित कर दी गई थी। इस दौरान मजिस्ट्रेट का भी कानपुर नगर में स्थानांतरण हो गया। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दोषी अधिवक्ता अभय प्रताप को सजा सुनाई। एक सम्मानित महिला के खिलाफ अपराध किए जाने के कारण अधिवक्ता को प्रोबेशन अधिनियम का लाभ भी नहीं दिया गया।
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