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Kanpur News: जमीन विवाद में अटका लोधीपुर नवीन बिजली उपकेंद्र, फैक्टरियों में ट्रिपिंग बरकरार
Thu, 15 Jan 2026 12:22 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:22 AM IST
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कानपुर देहात। औद्योगिक क्षेत्र रनियां व रायपुर को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रस्तावित लोधीपुर उपकेंद्र जमीन विवाद में अटका है। ठेकेदार चयन के बाद भी बिजली निगम एक ईंट नहीं रख सका है। इधर पुराने उपकेंद्रों के ओवरलोड होने से फैक्टरियों में ट्रिपिंग बरकरार है।
रनियां व रायपुर उपकेंद्र का भार कम करने के लिए लोधीपुर उपकेंद्र की मंजूरी मिली। बीते साल जुलाई में ठेकेदार चयन की प्रक्रिया पूरी करा ली गई। इधर राजस्व विभाग ने उपकेंद्र बनाने के लिए जो जगह चिह्नित की है उसपर स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि करीब ढाई बीघा सरकारी जमीन है। आंशिक हिस्से पर फैक्टरियों का कब्जा है। वहीं रिक्त पड़ी भूमि भी आंदोलन के बाद कब्जा मुक्त कराई गई। अब खाली पड़ी जमीन पर उपकेंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है मगर अन्य कब्जे वाली जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है।
भाकियू जिलाध्यक्ष आयुष सिंह की अगुवाई में किसान पूरी सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने पर अड़े हैं। उनका कहना है कि पूरी जमीन कब्जा मुक्त होने पर ही लोधीपुर में नवीन बिजली घर बनने दिया जाएगा। कई बार तहसीलदार संग वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। इसकी वजह से काम रुका है। बता दें कि रनियां उपकेंद्र से 200 से अधिक फैक्टरियां जुड़ी हैं। वहीं रनियां नगर व चिराना गांव को इसी उपकेंद्र से बिजली मिलती है। वहीं रायपुर उपकेंद्र से 54 फैक्टरियां व 58 गांवों की बिजली आपूर्ति की जाती है। ओवर लोड की वजह से ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इससे फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होता है।
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पूर्व में स्थानीय किसानों व भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता के बाद सहमति बनी थी। इसपर जेसीबी से पिलर बनाने के लिए गड्ढे कराए गए, लेकिन बाद में फिर से किसानों से काम रुकवा दिया। बुधवार को वार्ता के बाद एक तरफ चहारदीवारी बनाने पर सहमति बनी है। अब तेजी से काम पूरा होने की उम्मीद है। - पुष्पदेव, एक्सईएन रनियां
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सरकारी जमीन पर उपकेंद्र आवंटन वाला स्थल रिक्त है। इसका सीमांकन करा दिया गया है। किसान पूरी जमीन खाली कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए विधिक प्रक्रिया की गई है। - पवन कुमार, तहसीलदार
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लोधीपुर में करीब ढ़ाई बीघा सरकारी जमीन है। आंशिक हिस्सा उपकेंद्र के लिए चिन्हित है। यह जमीन भी आंदोलन के जरिए कब्जा मुक्त कराई गई है। अब कुछ हिस्सा छोेड़कर बिजली निगम के अधिकारी निर्माण कराना चाहते है। वहीं शेष करीब 24 बिस्वा जमीन पर फैक्टरियों का कब्जा है। पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग है। बुधवार को उपकेंद्र के लिए निर्माण की कोई सहमति नहीं बनी है। एक तरफ से काम शुरू कराने की बात कही गई मगर बाद में एक अन्य किसान ने आपत्ति कर दी है। - आयुष सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष
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फोटो-15 लोधीपुर में बिजली उपकेंद्र के लिए चिन्हित जमीन पर विवाद को हल करने के लिए वार्ता के लिए मौजूद भाकियू पदाधिकारी व बिजली निगम कर्मी। संवाद
दो घंटे जली वार्ता नतीजा सिफर
कानपुर देहात। लोधीपुर में नवीन उपकेंद्र निर्माण के लिए चिह्नित भूमि पर विवाद हल करने के लिए बुधवार को फिर एक प्रयास हुआ, मगर नतीजा सिफर रहा। एक्सईएन रनियां व भाकियू पदाधिकारी बुधवार दोपहर में यहां जुटे। करीब दो घंटे वार्ता चली। उपकेेंद्र के लिए चिह्नित जमीन के एक तरफ जहां विवाद नहीं है वहां से से निर्माण की सहमति बनी मगर काम शुरू कराया गया तो एक किसान ने आपत्ति कर दी। इस पर काम फिर से रुक गया। भाकियू के जिलाध्यक्ष आयुष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की पूरी जमीन कब्जा मुक्त कराने की मांग है। 17 जनवरी को माती में रैली की जाएगी। (संवाद)
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रनियां व रायपुर उपकेंद्र का भार कम करने के लिए लोधीपुर उपकेंद्र की मंजूरी मिली। बीते साल जुलाई में ठेकेदार चयन की प्रक्रिया पूरी करा ली गई। इधर राजस्व विभाग ने उपकेंद्र बनाने के लिए जो जगह चिह्नित की है उसपर स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि करीब ढाई बीघा सरकारी जमीन है। आंशिक हिस्से पर फैक्टरियों का कब्जा है। वहीं रिक्त पड़ी भूमि भी आंदोलन के बाद कब्जा मुक्त कराई गई। अब खाली पड़ी जमीन पर उपकेंद्र बनाने पर जोर दिया जा रहा है मगर अन्य कब्जे वाली जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया है।
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भाकियू जिलाध्यक्ष आयुष सिंह की अगुवाई में किसान पूरी सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराने पर अड़े हैं। उनका कहना है कि पूरी जमीन कब्जा मुक्त होने पर ही लोधीपुर में नवीन बिजली घर बनने दिया जाएगा। कई बार तहसीलदार संग वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। इसकी वजह से काम रुका है। बता दें कि रनियां उपकेंद्र से 200 से अधिक फैक्टरियां जुड़ी हैं। वहीं रनियां नगर व चिराना गांव को इसी उपकेंद्र से बिजली मिलती है। वहीं रायपुर उपकेंद्र से 54 फैक्टरियां व 58 गांवों की बिजली आपूर्ति की जाती है। ओवर लोड की वजह से ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है। इससे फैक्टरियों में उत्पादन प्रभावित होता है।
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पूर्व में स्थानीय किसानों व भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता के बाद सहमति बनी थी। इसपर जेसीबी से पिलर बनाने के लिए गड्ढे कराए गए, लेकिन बाद में फिर से किसानों से काम रुकवा दिया। बुधवार को वार्ता के बाद एक तरफ चहारदीवारी बनाने पर सहमति बनी है। अब तेजी से काम पूरा होने की उम्मीद है। - पुष्पदेव, एक्सईएन रनियां
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सरकारी जमीन पर उपकेंद्र आवंटन वाला स्थल रिक्त है। इसका सीमांकन करा दिया गया है। किसान पूरी जमीन खाली कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए विधिक प्रक्रिया की गई है। - पवन कुमार, तहसीलदार
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लोधीपुर में करीब ढ़ाई बीघा सरकारी जमीन है। आंशिक हिस्सा उपकेंद्र के लिए चिन्हित है। यह जमीन भी आंदोलन के जरिए कब्जा मुक्त कराई गई है। अब कुछ हिस्सा छोेड़कर बिजली निगम के अधिकारी निर्माण कराना चाहते है। वहीं शेष करीब 24 बिस्वा जमीन पर फैक्टरियों का कब्जा है। पूरी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग है। बुधवार को उपकेंद्र के लिए निर्माण की कोई सहमति नहीं बनी है। एक तरफ से काम शुरू कराने की बात कही गई मगर बाद में एक अन्य किसान ने आपत्ति कर दी है। - आयुष सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष
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फोटो-15 लोधीपुर में बिजली उपकेंद्र के लिए चिन्हित जमीन पर विवाद को हल करने के लिए वार्ता के लिए मौजूद भाकियू पदाधिकारी व बिजली निगम कर्मी। संवाद
दो घंटे जली वार्ता नतीजा सिफर
कानपुर देहात। लोधीपुर में नवीन उपकेंद्र निर्माण के लिए चिह्नित भूमि पर विवाद हल करने के लिए बुधवार को फिर एक प्रयास हुआ, मगर नतीजा सिफर रहा। एक्सईएन रनियां व भाकियू पदाधिकारी बुधवार दोपहर में यहां जुटे। करीब दो घंटे वार्ता चली। उपकेेंद्र के लिए चिह्नित जमीन के एक तरफ जहां विवाद नहीं है वहां से से निर्माण की सहमति बनी मगर काम शुरू कराया गया तो एक किसान ने आपत्ति कर दी। इस पर काम फिर से रुक गया। भाकियू के जिलाध्यक्ष आयुष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की पूरी जमीन कब्जा मुक्त कराने की मांग है। 17 जनवरी को माती में रैली की जाएगी। (संवाद)