फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Labour museum will be in town

ई है कंपू नगरिया तू देख बबुआ

Sun, 04 Jan 2015 03:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sun, 04 Jan 2015 03:03 AM IST
विज्ञापन
Labour museum will be in town
श्रमिक और औद्योगिक नगरी कानपुर के सुनहरे अतीत को अब श्रम विभाग सहेजेगा। विभाग ने शहर में लेबर म्यूजियम बनाने की योजना बनाई है।
विज्ञापन


देश के इस तरह के पहले म्यूजियम में कानपुर के श्रमिक आंदोलनों, हड़तालों से जुड़े तथ्यों की जानकारी होगी। इसके अलावा आर्ट गैलरी में तमाम श्रमिक नेताओं से जुड़े संस्मरण उनके चित्रों के साथ लगाए जाएंगे।

केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बनाए गए तमाम कानूनों-योजनाओं की जानकारी देने वाला पुस्तकालय भी बनाया जाएगा।

श्रमिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी। श्रमायुक्त शालिनी प्रसाद ने बताया कि कानपुर कभी पूर्व का मैनचेस्टर कहा जाता था।
विज्ञापन


यह शहर अपनी सूती मिलों, उनमेें काम करने वाले मेहनती श्रमिकों और उनसे जुड़े आंदोलनों के कारण पूरे विश्व में जाना जाता रहा है। यहां पर आजादी से पहले से मिलें चला करती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीटी रोड स्थित श्रमायुक्त मुख्यालय 1938 से स्थापित है। 1944 में सर्वोदयनगर स्थित उपश्रमायुक्त कार्यालय की स्थापना की गई थी।

उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर शहर में लेबर म्यूजियम खोलने की तैयारी शुरू की गई है। म्यूजियम विभाग की जमीन पर ही बनेगा। इसके लिए विभाग के वेलफेयर सेंटरों का निरीक्षण किया गया है।


उन्होंने बताया कि शहर के प्रमुख श्रमिक संगठनों और औद्योगिक इकाइयों से कानपुर के श्रमिकों से जुड़े इतिहास, आंदोलनों, हड़तालों के तथ्यों की जानकारी देने के लिए कहा है।

म्यूजियम बनाने की दिशा में जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed