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Kushagra Murder: सुरक्षा बनी वजह! परिजनों को पूछना था- हमारी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?, पढ़ें अपडेट

Wed, 08 Nov 2023 02:43 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 08 Nov 2023 02:43 PM IST
सार

Kanpur News: बीते रविवार की सुबह नौ बजे उन्हें जेल से निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था। इस बीच कुशाग्र के परिजनों ने हत्यारोपियों से सामना करने की मांग की थी, ताकि वह यह जान सकें कि रचिता को वह बेटी की तरह मानते थे, फिर भी उसने उनकी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?

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Kushagra murder case, Security became the reason, The family did not meet the murderers
kushagra murder case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में कपड़ा व्यापारी मनीष कनौडिया के बेटे कुशाग्र के हत्यारोपियों से मिलकर उनसे बेटे की हत्या को लेकर सवाल जवाब करने की मृतक के परिजनों की मंशा अधूरी ही रह गई। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए परिजनों को हत्यारोपियों से सामना कराने से इन्कार दिया।

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रायपुरवा थाना क्षेत्र के आचार्यनगर निवासी कुशाग्र कनौडिया कैंट स्थित जयपुरिया स्कूल में हाईस्कूल का छात्र था। 30 अक्तूबर को कोचिंग जाने के लिए निकले कुशाग्र का उसकी पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स के प्रेमी ओमनगर निवासी प्रभात शुक्ला ने अपहरण कर लिया।
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उसे अपने घर की एक कोठरी में रखकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद अपने दोस्त शिव गुप्ता की मदद से 30 लाख की फिरौती वाला पत्र कुशाग्र के घर फिंकवाया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वारदात में सभी की भूमिका, सामान बरामदगी और पूछताछ के लिए पुलिस ने तीनों की कस्टडी रिमांड कोर्ट से मांगी थी।

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हमारी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?
कोर्ट ने आरोपियों की तीन दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की। बीते रविवार की सुबह नौ बजे उन्हें जेल से निकालकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया था। इस बीच कुशाग्र के परिजनों ने हत्यारोपियों से सामना करने की मांग की थी, ताकि वह यह जान सकें कि रचिता को वह बेटी की तरह मानते थे, फिर भी उसने उनकी भावनाओं का कत्ल क्यों कर दिया?

परिजन पुलिस के बुलावे का इंतजार करते रहे
पुलिस पहले उनकी मांग पर विचार करने की बात कह रही थी, फिर मना कर दिया गया। मंगलवार देर शाम तक परिजन पुलिस के बुलावे का इंतजार करते रहे, लेकिन बुलावा न आने पर मायूस हो गए। डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों की कस्टडी रिमांड अवधि बुधवार की सुबह नौ बजे समाप्त हो गई।

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