कुशाग्र हत्याकांड: मुख्य आरोपी को फांसी दिलाने की दिशा में साक्ष्य जुटा रही पुलिस, इन साक्ष्यों को बनाएगी आधार
Kanpur News: जेसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी को मृत्युदंड और सह आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाने के लिए मजबूत साक्ष्य हैं। आरोपियों को बचने का कोई मौका न मिल सके इसके लिए विधि विशेषज्ञों की राय भी ली गई है।
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कानपुर में रायपुरवा के आचार्यनगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनौडिया के बेटे कुशाग्र के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने अपहर्ताओं के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। पुलिस मुख्य आरोपी प्रभात को फांसी, सहआरोपी रचिता व शिवा को उम्रकैद की सजा दिलाने की दिशा में साक्ष्य जुटा रही है। साक्ष्यों को मजबूत आधार देने के लिए सभी की फोरेंसिक जांच भी करा रही है।
30 अक्तूबर को हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उसके घर में एक पत्र भेजकर 30 लाख की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस ने मामले में दर्शनपुरवा के ओमनगर निवासी मुख्य आरोपी प्रभात शुक्ला, उसकी प्रेमिका व कुशाग्र की पूर्व ट्यूशन टीचर रचिता वत्स और घर पर पत्र फेंकने वाले शिवा को गिरफ्तार कर शव को बरामद किया था।
कुशाग्र के घर से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी फुटेज जुटाए हैं
प्रकरण की विवेचना जेसीपी की निगरानी में रायपुरवा इंस्पेक्टर अंकिता वर्मा कर रही हैं। विवेचक के अनुसार जघन्य हत्याकांड के आरोपियों को कहीं से भी राहत न मिल सके, इसके लिए केस डायरी को प्रभावी ढंग से लिखा जा रहा है। जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने कुशाग्र के घर से लेकर घटनास्थल तक के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए हैं।
विधि विशेषज्ञों की राय भी ली गई है
मौका-ए-वारदात से फोरेंसिक टीम की मदद से फिंगरप्रिंट का मिलान, जिस दुकान से रस्सी खरीदी गई उसके बयान व जेल भेजे गए आरोपियों के बयानों का मिलान भी करा लिया गया है। कुशाग्र के प्रभात के साथ जाते वक्त वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी साक्ष्यों का फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से मिलान कराया जा रहा है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। जेसीपी ने बताया कि आरोपियों को बचने का कोई मौका न मिल सके इसके लिए विधि विशेषज्ञों की राय भी ली गई है।
इन साक्ष्यों को पुलिस बनाएगी आधार
- घटनास्थल पर हत्या के वक्त तीनों का मौजूद होना।
- फिरौती के लिए मुख्य आरोपी की स्कूटी का प्रयोग होना।
- फिरौती के वाले पत्र में मुख्य आरोपी की हैंडराइटिंग का मिलना।
- मुख्य आरोपी के घर में छात्र के शव का मिलना।
- उसके द्वारा बताए गए स्थान पर स्कूटी और मोबाइल का मिलना।
- हाते में मौजूद तीन लोगों की आरोपियों के खिलाफ गवाही।
- फोरेंसिक जांच में स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर का बदला होना पाया गया।
गार्ड के भी कोर्ट में होंगे बयान
इस हत्याकांड के खुलासे में श्रीभगवती विला अपार्टमेंट के गार्ड राजेंद्र का अहम रोल है। उसे मुख्य गवाह के रूप में पेश किया जाएगा। उसके क्लू देने के बाद ही पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंची थी। पुलिस उसके कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराएगी।
फांसी की सजा संभव... बशर्ते साक्ष्य और पैरवी बहुत मजबूत हो
सेवानिवृत्त एडीजीसी व वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि तीनों आरोपियों की संलिप्तता साबित करने के लिए कुशाग्र के परिजनों के बयान के अलावा सबसे महत्वपूर्ण बयान गार्ड का होगा। इसके अलावा शव की बरामदगी के समय मौजूद गवाह व बेहोशी के लिए जिस दुकान से कोल्डड्रिंक खरीदी गई।
ये बनेंगे महत्वपूर्ण साक्ष्य
उस दुकानदार की गवाही भी महत्वपूर्ण होगी। कुशाग्र को पिलाई गई कोल्डड्रिंक की बोतल, पत्र फेंकने के दौरान इस्तेमाल की गई स्कूटी, हत्या में इस्तेमाल रस्सी, फिरौती के लिए भेजा गया पत्र, तीनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिपोर्ट, घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज के अलावा रचिता व प्रभात द्वारा बर्थडे पार्टी के दौरान की गई रेकी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज या वीडियो के अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेंगे।
शव मुख्य आरोपी के घर से बरामद हुआ है
हत्या की धारा में फांसी की सजा का प्रावधान है, हालांकि वह अपराध जघन्य किस्म की श्रेणी में आता हो। यह अपराध इस श्रेणी में है। क्योंकि एक नाबालिग बच्चे को बिना रंजिश के अपने लाभ के लिए इतनी बेरहमी से मारा गया। चूंकि शव मुख्य आरोपी के घर से बरामद हुआ, ऐसे में इसे फांसी की सजा हो सकती है। बशर्ते साक्ष्य और पैरवी बहुत मजबूत होनी चाहिए।