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Kushagra Murder Case: मुख्य आरोपी रचिता वत्स की जमानत अर्जी खारिज, अभियोजन ने की आपत्ति
Tue, 09 Apr 2024 09:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 09 Apr 2024 09:44 PM IST
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kushagra murder case
- फोटो : अमर उजाला
रचिता का मूल पता हिमाचल प्रदेश के अम्ब जिले का है। वह कानपुर में कई सालों से रह रही है लेकिन जमानत अर्जी में कानपुर का कोई स्थाई या अस्थाई पता नहीं लिखा गया। उसके परिवार में भी कोई सदस्य जीवित नहीं है। ऐसे में जमानत मिली तो रचिता विचारण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। इसी टिप्पणी के साथ अपर जिला जज सप्तम आजाद सिंह ने कुशाग्र हत्याकांड की मुख्य आरोपी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। साथ ही मुकदमे की तेजी से सुनवाई के लिए तीन-तीन दिन की तारीखें लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान रचिता के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। उसके मामा के अलावा पैरवी करने वाला कोई नहीं है। अभियोजन की पूरी कहानी चौकीदार के बयान, शंका और अनुमान पर आधारित है। सीसीटीवी फुटेज या कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं हैं। वहीं डीजीसी दिलीप अवस्थी व अधिवक्ता कमलेश पाठक ने तर्क रखा कि रचिता ही अपराध की केंद्र बिंदु है। रचिता कुशाग्र व उसके बड़े भाई को ट्यूशन पढ़ाती थी। परिवार की माली हालत से वाकिफ थी। प्रभात शुक्ला से उसके प्रेम संबंध थे। जिसकी माली हालत कमजोर थी। रचिता ने सह अभियुक्तों के साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई। 30 व 31 अक्टूबर 2023 को घटनास्थल पर रचिता व सहअभियुक्तों की मौजूदगी के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। रचिता ने सह अभियुक्तों के साथ मिलकर 17 वर्षीय कुशाग्र की नृशंस हत्या कर दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए रचिता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान रचिता के अधिवक्ता की ओर से तर्क रखा गया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। उसके मामा के अलावा पैरवी करने वाला कोई नहीं है। अभियोजन की पूरी कहानी चौकीदार के बयान, शंका और अनुमान पर आधारित है। सीसीटीवी फुटेज या कोई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं हैं। वहीं डीजीसी दिलीप अवस्थी व अधिवक्ता कमलेश पाठक ने तर्क रखा कि रचिता ही अपराध की केंद्र बिंदु है। रचिता कुशाग्र व उसके बड़े भाई को ट्यूशन पढ़ाती थी। परिवार की माली हालत से वाकिफ थी। प्रभात शुक्ला से उसके प्रेम संबंध थे। जिसकी माली हालत कमजोर थी। रचिता ने सह अभियुक्तों के साथ मिलकर फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई। 30 व 31 अक्टूबर 2023 को घटनास्थल पर रचिता व सहअभियुक्तों की मौजूदगी के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। रचिता ने सह अभियुक्तों के साथ मिलकर 17 वर्षीय कुशाग्र की नृशंस हत्या कर दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए रचिता की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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