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“कातिल मां”: बच्चों को डुबोकर मारने की पुष्टि, नाटक कर सोनू ने बचाई थी जान, एसपी बोलीं- बयानों में विरोधाभास

Sat, 29 Jun 2024 04:49 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sat, 29 Jun 2024 04:49 AM IST
सार

Auraiya News: पुलिस ने गुरुवार सुबह प्रियंका व आशीष को पकड़ा गया। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। बच्चे सोनू को कोर्ट की देखरेख में चिह्नित परिजन के सुपुर्द किया जाएगा। इससे की परवरिश में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। फिलहाल सोनू के चाचा मनीष व बुआ के साथ सोनू है। घटना के बाद सोनू सहमा हुआ है।

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Killer Mother in Auraiya, Confirmation of drowning the children, Sonu saved their lives by pretending
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी मां और देवर - फोटो : amar ujala

विस्तार

औरैया जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव ताल्हेपुर समीप सेंगुर नदी में बेरहम मां ने चचेरे देवर के साथ प्रेम-प्रसंग के चलते अपने तीन मासूम बच्चों को डुबोकर मार डाला। शुक्रवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। वहीं पुलिस की ओर से इस पूरे मामले में ककोर मुख्यालय में खुलासा भी किया गया है।

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पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों के डुबोकर मारे जाने की पुष्टि हुई है। मुंह से झाग आना सामान्य पाया गया है। आरोपी मां प्रियंका ने भी इसे स्वीकार कर लिया है। मामले में प्रियंका व उसके साथ रह रहे चचेरे देवर आशीष से पूछताछ की गई है।

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इसमें सामने आया है कि पति अवनीश की मौत के बाद से प्रियंका आशीष के संपर्क में आ गई थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था। पिछले एक महीने से दोनों चार बच्चों माधव, आदित्य, मंगल व सोनू के साथ शहर के बनारसीदास मोहल्ला में रहने लगे थे। आशीष बच्चों का खर्चा नहीं उठा पा रहा था।

बच्चों को सेंगुर नदी पर लेकर पहुंची थी प्रियंका
इसे लेकर प्रियंका व आशीष ने बच्चों की हत्या करने की साजिश की। योजना के तहत प्रियंका बच्चों को लेकर गुरुवार तड़के ताल्हेपुर समीप सेंगुर नदी पर लेकर पहुंची, जहां तीन बच्चों को डुबोकर मार डाला। चौथे, आठ साल के सोनू को भी प्रियंका ने डुबोया।

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सोनू की समझदारी ने उसकी जान बचा ली
सोनू ने सूझबूझ दिखाते हुए कुछ पल को सांस थामी और बेसुध होने का बहाना कर गया। सोनू की समझदारी ने उसकी जान बचा ली। मां के दूर हटते ही सोनू तेजी से भागा, जिसे प्रियंका ने पकड़ने का भी प्रयास किया। गनीमत रही कि सोनू पकड़ में नहीं आया और ग्रामीणों के पास जा पहुंचा। इसके बाद उसने पूरा मामला खोल दिया।

चाचा मनीष व बुआ के साथ रहेगा सोनू
साईं मंदिर आनेपुर से गुरुवार सुबह प्रियंका व आशीष को पकड़ा गया। दोनों को जेल भेजा जा रहा है। बच्चे सोनू को कोर्ट की देखरेख में चिह्नित परिजन के सुपुर्द किया जाएगा। इससे की परवरिश में किसी तरह की अव्यवस्था न हो। फिलहाल सोनू के चाचा मनीष व बुआ के साथ सोनू है। घटना के बाद सोनू सहमा हुआ है।

अवनीश की मौत के मुआवजे को लेकर भी चल रही पुलिस की जांच
जहां तक प्रियंका व आशीष के बयानों की बात है तो पकड़े जाने के बाद आशीष ने पुलिस को बताया कि वह बच्चों की देखभाल कर रहा था। उसे भी बच्चों की चिंता थी जबकि प्रियंका का कहना था कि रोजाना खाना खाने के दौरान आशीष उससे बच्चों को रास्ते से हटाने की बात करता था। खर्चा न उठा पाने को लेकर विवाद करता।

पांच लाख रुपये भी बन सकते हैं वजह
यह बात प्रियंका ने मोबाइल फोन से गुरुवार तड़के अपनी चाची गीता को भी बताई थी। इसके बाद गीता उसे खोजते हुए औरैया आईं थीं। वहीं पुलिस ने इस घटना से पहले प्रियंका के पति अवनीश की मौत के मामले में मिले मुआवजे के पांच लाख रुपये को लेकर ध्यान केंद्रित किया है। इतना बड़ा कदम उठाने के पीछे पांच लाख रुपये भी वजह बन सकते हैं।

जेठ दशहरा पर बच्चों को मारने की देख रही थी जगह
तीन बच्चों की हत्यारी प्रियंका के देवर मनीष उर्फ दीपू निवासी गांव लुहिया जनपद इटावा ने बताया कि इसी माह की 15 जून को जेठ दशहरा का त्योहार था। इसमें प्रियंका अपनी खोयला निवासी मौसी के साथ सेंगुर नदी स्नान करने गई थी। दीपू का कहना है कि उसे अब लगता है कि प्रियंका का नदी में स्नान तो एक बहाना था। दरअसल वह बच्चों को मारने के लिए जगह देखने गई थी।

तीन मासूमों का हुआ अंतिम संस्कार
तीन मासूम बेटों को नदी में डुबोकर मौत देने वाली क्रूर मां की घटना में शुक्रवार रात तीनों मासूमों के शव पैतृक गांव लुहिया, इटावा लाए गए। मासूमों के शव एक साथ आते ही पूरे गांव में मातम सा छा गया। रिश्तेदार व घरवाले बेहाल रहे। शुक्रवार सुबह तीनों का अंतिम संस्कार किया गया।

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