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किडनी कांड: अंग प्रत्यारोपण का धंधा चलाने वाले आरोपी जुनैद की जमानत पर फैसला सुरक्षित
Thu, 27 Jun 2019 02:00 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 27 Jun 2019 02:00 AM IST
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किडनी कांड का आरोपी जुनैद पर फैसला सुुरक्षित
किडनी कांड में आरोपी गुलाम जुनैद की जमानत अर्जी पर अपर जिला जज प्रथम रजत सिंह जैन की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत पर फैसला सुरक्षित कर लिया है।
जुनैद के अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला ने वादिनी मुकदमा संगीता और उसके पति पर ही अंग प्रत्यारोपण का धंधा चलाने का आरोप लगाया। कोर्ट में कहा कि दोनों जुनैद की किडनी निकलवाना चाहते थे।
जुनैद किसी तरह भाग निकला तो मामला खुल जाने के डर से दोनों ने पुलिस की मिलीभगत से जुनैद को ही गिरफ्तार कराकर झूठी कहानी गढ़ी है। शासकीय अधिवक्ता का तर्क था कि जुनैद ही मामले में मुख्य अभियुक्त है।
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वह मामले की वादिनी संगीता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर गाजियाबाद ले गया था और उसी ने मेडिकल आदि करवाकर किडनी देने का दबाव बनाया था। जुनैद 15 अप्रैल से जेल में है। 18 जून को जुनैद की जमानत अर्जी स्पेशल सीजेएम कोर्ट से खारिज हो चुकी है।
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जुनैद के अधिवक्ता संजीव कुमार शुक्ला ने वादिनी मुकदमा संगीता और उसके पति पर ही अंग प्रत्यारोपण का धंधा चलाने का आरोप लगाया। कोर्ट में कहा कि दोनों जुनैद की किडनी निकलवाना चाहते थे।
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जुनैद किसी तरह भाग निकला तो मामला खुल जाने के डर से दोनों ने पुलिस की मिलीभगत से जुनैद को ही गिरफ्तार कराकर झूठी कहानी गढ़ी है। शासकीय अधिवक्ता का तर्क था कि जुनैद ही मामले में मुख्य अभियुक्त है।
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वह मामले की वादिनी संगीता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर गाजियाबाद ले गया था और उसी ने मेडिकल आदि करवाकर किडनी देने का दबाव बनाया था। जुनैद 15 अप्रैल से जेल में है। 18 जून को जुनैद की जमानत अर्जी स्पेशल सीजेएम कोर्ट से खारिज हो चुकी है।