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सीरिया जाने की फिराक में थे खुरासान मॉड्यूल के आतंकी, लैपटॉप में मिले पाकिस्तान बॉर्डर के वीडियो

Fri, 22 Nov 2019 12:52 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, सूरज शुक्ला 
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सूरज शुक्ला  Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 22 Nov 2019 12:52 PM IST
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Khorasan module terrorists were trying to go to Syria
आतंकी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI
कानपुर में पकड़े गए आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल के आतंकी पाकिस्तान और वहां से सीरिया जाने की फिराक में थे। इसके लिए वह कई बार राजस्थान व कश्मीर में पाकिस्तान बॉर्डर तक गए, लेकिन वह सीमा पार करने में नाकाम रहे।
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कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान इस संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए है। इसमें कई वीडियो और फोटो पेश किए गए हैं, जो उनके पास से बरामद लैपटॉप व मोबाइल में मिले थे। 7 मार्च 2017 को भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में बम धमाका हुआ था।
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इसके बाद तेलंगाना व यूपी एटीएस ने मिलकर आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का खुलासा किया था। मॉड्यूल का एक आतंकी सैफुल्लाह लखनऊ में हुई मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं अन्य आतंकी दानिश, सैयद मीर हुसैन, आसिफ इकबाल उर्फ रॉकी, आतिफ मुजफ्फर, फैसल, अजहर, मोहम्मद आतिफ और इन सबका सरगना एयरफोर्स से रिटायर्ड गौस मोहम्मद खान को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

सभी आतंकी शहर के जाजमऊ क्षेत्र के रहने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के पास से मिले लैपटॉप, मोबाइल व पेन ड्राइव आदि खुफिया एजेंसी ने खंगाले तो इनमें राजस्थान व कश्मीर बॉर्डर के कई वीडियो व फोटो मिले। इसके साथ ही कई और सबूत मिले हैं, जिनसे यह साबित हुआ है कि ये सब पाकिस्तान भागने की फिराक में थे और पाकिस्तान से सीरिया जाने की योजना थी।

 

सजा दिलाने के लिए अहम साक्ष्य
खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक गवाहों के साथ-साथ लैपटॉप व मोबाइल से मिले सबूतों को भी कोर्ट में पेश किया गया है। बम धमाके के संबंध में ई-मेल से हुई बातचीत के भी पुख्ता सबूत मिले हैं। मामले में पिछले दो वर्षों से अधिक समय से सुनवाई चल रही है। अब यह अंतिम दौर में है।  

निगरानी जारी
खुफिया एजेंसी की जांच में पता चला था कि इन आतंकियों के संपर्क में शहर के दस से अधिक युवा हैं। जिनका ये ब्रेनवॉश कर रहे थे। चूंकि वह अपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं हुए थे, ऐसे में खुफिया एजेंसी ने उन पर कार्रवाई नहीं की थी। अधिकारियों ने उनकी काउंसलिंग की थी। उन पर निगाह रखी जा रही है। 
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