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बंबा खांदी कटने से 20 बीघा फसलें जलमग्न
अमर उजाला ब्यूूराो, कानपुर देहात।
Updated Sat, 09 Jan 2016 01:25 AM IST
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क्षेत्र स्थित नहर से सटे बंबा की खंदी कटने से झींझक क्षेत्र के
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बद्रीपुरवा गांव की करीब 20 बीघा खेती जलमग्न हो गई। घटना के बाद नहर विभाग
का कोई अधिकारी देर शाम तक मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में रोष
है।
विकासखंड झींझक के बद्रीपुरवा गांव के सामने से गुजरे बंबे की कटान हो जाने से बंबा के पानी का बहाव खेतों की ओर हो गया। इससे रामबिहारी, श्यामबिहारी, नरेंद्र पाल, जंटर पाल, जसवंत पाल आदि किसानों की करीब 20 बीघा खेतों में पानी भरने से फसल जलमग्न हो गई।
खेतों में पानी भरने से अब आलू, गेहूं, लाही सहित अन्य फसलों के बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों ने बताया कि रात में अचानक बंबा पटरी का किनारा कट जाने से तेज झोंके के साथ पानी खेतों मे भरने लगा।
ग्रामीणों को जानकारी होने पर वह रात में ही खेतों में पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी से बांध लगाया। लेकिन, शुक्रवार की सुबह बांध की मिट्टी बहने से पानी फिर तेज बहाव से खेतों में भरने लगा, जिससे दोबारा किसानों ने एकजुट होकर बांध लगाया।
आक्रोशित किसानों ने बताया कि बंबा पटरी कटाने के 24 घंटे बीतने के बाद अभी तक नहर विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। जिससे खेंतो में पानी भरने से आलू, गेंहू सहित अन्य फसल चौपट हो रही है।
विकासखंड झींझक के बद्रीपुरवा गांव के सामने से गुजरे बंबे की कटान हो जाने से बंबा के पानी का बहाव खेतों की ओर हो गया। इससे रामबिहारी, श्यामबिहारी, नरेंद्र पाल, जंटर पाल, जसवंत पाल आदि किसानों की करीब 20 बीघा खेतों में पानी भरने से फसल जलमग्न हो गई।
खेतों में पानी भरने से अब आलू, गेहूं, लाही सहित अन्य फसलों के बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। किसानों ने बताया कि रात में अचानक बंबा पटरी का किनारा कट जाने से तेज झोंके के साथ पानी खेतों मे भरने लगा।
ग्रामीणों को जानकारी होने पर वह रात में ही खेतों में पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद मिट्टी से बांध लगाया। लेकिन, शुक्रवार की सुबह बांध की मिट्टी बहने से पानी फिर तेज बहाव से खेतों में भरने लगा, जिससे दोबारा किसानों ने एकजुट होकर बांध लगाया।
आक्रोशित किसानों ने बताया कि बंबा पटरी कटाने के 24 घंटे बीतने के बाद अभी तक नहर विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। जिससे खेंतो में पानी भरने से आलू, गेंहू सहित अन्य फसल चौपट हो रही है।