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केडी सिंह ने कानपुर के पांच हजार लोगों से 10 हजार करोड़ ठगे, ईडी ने कोलकाता से किया है गिरफ्तार
Thu, 14 Jan 2021 01:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 14 Jan 2021 01:47 PM IST
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टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सदस्य केडी सिंह
- फोटो : amar ujala
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मनी लान्ड्रिंग (पीएमएलए) के मामले में कोलकाता मेें गिरफ्तार किए गए टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सदस्य केडी सिंह ने देश के तमाम शहरों के लोगों से करीब 25 हजार करोड़ की ठगी की है। अकेले कानपुर के पांच हजार से ज्यादा लोगों को 10 हजार करोड़ का चूना लगाया है।
कानपुर के कोतवाली थाने में डेढ़ साल पहले उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसकी विवेचना ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर की टीम कर रही है। इस केस में आरोपी ने कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा था। अब तक उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।
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कानपुर के कोतवाली थाने में डेढ़ साल पहले उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसकी विवेचना ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) कानपुर की टीम कर रही है। इस केस में आरोपी ने कोर्ट से अरेस्ट स्टे ले रखा था। अब तक उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।
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निवेश और जमीन देने के नाम पर ठगी करने के आरोप में केडी सिंह पर सितंबर 2019 में चकेरी निवासी पवन मिश्रा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एफआईआर में केडी सिंह के अलावा उसकी अलकेमिस्ट कंपनी के डायरेक्टर सतेंद्र सिंह, बृजमोहन, छत्रसाल सिंह, सुचेता खेमका, जय प्रकाश, नरेंद्र और नंद किशोर भी आरोपी हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने विवेचना ईओडब्ल्यू से कराने की संस्तुति रिपोर्ट शासन को भेजी थी। अब ईओडब्ल्यू इसकी जांच कर रही है।
ऐसे की हजारों करोड़ की ठगी
एफआईआर के मुताबिक आरोपी ने कई अलग-अलग कंपनियां बनाई। इसमें अलकेमिस्ट टाउनशिप और अलकेमिस्ट इंफ्रा लिमिटेड शामिल हैं। साल 2018 में कंपनी ने लोगों से रकम निवेश कराई। इसके बदले में जमीन देने या 18 फीसदी ब्याज के साथ तय समय बाद रकम लौटाने का दावा किया गया। मगर कुछ ही दिन बाद मॉल रोड स्थित कंपनी के कार्यालय पर ताला पड़ गया और सभी फरार हो गए। जांच के बाद मामले में केस दर्ज किया गया।
जेल में दर्ज होंगे बयान
ईओडब्ल्यू के एसपी बाबूराम ने बताया कि मीडिया के जरिये ही आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। इसके पहले आरोपी ने ईओडब्ल्यू के केस में अरेस्ट स्टे ले रखा था। टीम चंडीगढ़ और दिल्ली उसके बयान दर्ज करने गई थी लेकिन बयान नहीं हो सके थे। एसपी ने बताया कि अब कोर्ट से अनुमति लेने के बाद जेल में उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। केस के अन्य आरोपियों के बयान की प्रक्रिया भी शुरू करेंगे।
ऐसे की हजारों करोड़ की ठगी
एफआईआर के मुताबिक आरोपी ने कई अलग-अलग कंपनियां बनाई। इसमें अलकेमिस्ट टाउनशिप और अलकेमिस्ट इंफ्रा लिमिटेड शामिल हैं। साल 2018 में कंपनी ने लोगों से रकम निवेश कराई। इसके बदले में जमीन देने या 18 फीसदी ब्याज के साथ तय समय बाद रकम लौटाने का दावा किया गया। मगर कुछ ही दिन बाद मॉल रोड स्थित कंपनी के कार्यालय पर ताला पड़ गया और सभी फरार हो गए। जांच के बाद मामले में केस दर्ज किया गया।
जेल में दर्ज होंगे बयान
ईओडब्ल्यू के एसपी बाबूराम ने बताया कि मीडिया के जरिये ही आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिली है। इसके पहले आरोपी ने ईओडब्ल्यू के केस में अरेस्ट स्टे ले रखा था। टीम चंडीगढ़ और दिल्ली उसके बयान दर्ज करने गई थी लेकिन बयान नहीं हो सके थे। एसपी ने बताया कि अब कोर्ट से अनुमति लेने के बाद जेल में उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। केस के अन्य आरोपियों के बयान की प्रक्रिया भी शुरू करेंगे।