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Karauli Baba: बाबा के सामने सिर उठाने की गुस्ताखी पर मिली जेल, जमीन के विवाद में गेस्ट हाउस संचालक हुआ बर्बाद

Sat, 25 Mar 2023 02:43 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 25 Mar 2023 02:43 PM IST
सार

नोएडा के डॉ. सिद्धार्थ को पीटने के बाद से सुर्खियों में आए बाबा को लेकर आसपास के लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम के पास रहने वाले गेस्ट हाउस संचालक नरेंद्र ने बाबा से 15 बीघे जमीन का सौदा किया था। बाबा ने उसकी 13 बीघे जमीन पर कब्जा कर लिया।

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Karauli Baba: Jail for raising head in front of Baba, guest house operator ruined in land dispute
करौली बाबा डॉ. संतोष सिंह भदौरिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करौली सरकार डॉ. संतोष भदौरिया की ऊंची पहुंच के चलते उसके सामने कोई भी सिर उठाने की हिम्मत नहीं उठा सका। पूर्व में जिसने भी ये गुस्ताखी की उसे या तो मुकदमों से लाद दिया गया या फिर उसे अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। नोएडा के डॉ. सिद्धार्थ को पीटने के बाद से सुर्खियों में आए बाबा को लेकर आसपास के लोगों में कई तरह की चर्चाएं हैं।

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ग्रामीणों ने बताया कि आश्रम के पास रहने वाले गेस्ट हाउस संचालक नरेंद्र ने बाबा से 15 बीघे जमीन का सौदा किया था। बाबा ने उसकी 13 बीघे जमीन पर कब्जा कर लिया। नरेंद्र ने जब दो बीघे जमीन के 1.56 लाख रुपये वापस मांगे तो दोनों के बीच पाला खिंच गया। इसी के बाद इसी साल 30 जनवरी को एक महिला ने गेस्ट हाउस संचालक के खिलाफ बिधनू थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करा दिया।

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पुलिस ने जांच के बाद उसके खिलाफ एससी, एसटी एक्ट की धारा भी बढ़ा दी और जेल भेज दिया। इसके बाद चकेरी थाने से उसके खिलाफ रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद दुष्कर्म पीड़िता ने गेस्ट हाउस संचालक के खिलाफ बाबूपुरवा थाने में भी एक मुकदमा धमकी की धारा में दर्ज कराया।

वहीं, वर्ष 2000 में बाबा के करीबी रहे घुरवाखेड़ा निवासी ओमप्रकाश ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह चुनाव हार गए थे। ग्रामीणों के अनुसार इसी के बाद ओमप्रकाश का करौली सरकार से भी मनमुटाव हो गया था। वर्ष 2003 में चकेरी रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध हालात में उनका शव पड़ा मिला था। हालांकि, उनकी मौत कैसे हुई थी। यह आज तक रहस्य है, लेकिन उस वक्त भी बाबा और ओमप्रकाश के बीच बढ़ी तकरार को लेकर कई तरह की चर्चाएं रही थीं।

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भक्तों ने डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए लिखे पत्र
नोएडा के डॉक्टर सिद्धार्थ और करौली सरकार का विवाद टीवी चैनलों तक पहुंच गया। हाल ही में एक न्यूज चैनल में बाबा और डॉ. सिद्धार्थ के बीच डिबेट कराई गई, जिसमें दोनों ने एक दूसरे को खूब भला बुरा कहा। शुक्रवार को बाबा के सैकड़ों भक्तों ने बिधनू थाने से लेकर राष्ट्रपति को प्रार्थनापत्र लिखकर डॉक्टर सिद्धार्थ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भक्तों ने बताया कि चैनल में डिबेट के दौरान डॉक्टर सिद्धार्थ ने बाबा को उपशब्दों का प्रयोग किया था, जिससे उनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
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लॉकडाउन में बढ़ गए थे सदस्य
सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2020 में कोविड काल से बाबा के आश्रम में आने वाले भक्तों की संख्या 100 से 500 के बीच रहती थी। लॉकडाउन में बाबा ने अपना यू-ट्यूब चैनल बनाया, जिसमें उसके चमत्कार देखकर अचानक से देश विदेश से सब्सक्राइबरों की संख्या चार लाख का आंकड़ा पार कर गया। अब आश्रम मेंं आने वाले लोगों की संख्या एक हजार से ढाई हजार तक पहुंच चुकी है।

यह भी पढ़ें- करौली बाबा का भौकाल: 20 हथियारों से लैस गैंग के साथ चलता है बाबा, तीन साल में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
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