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जर्मनी में शोध करेगी कानपुर की हुमैरा, आईआईटी के दीक्षांत समारोह में मिला गोल्ड मेडल
Sat, 29 Jun 2019 01:13 PM IST
शिखा पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 29 Jun 2019 01:13 PM IST
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जर्मनी में शोध करेगी कानपुर की गोल्डन गर्ल हुमैरा
- फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी कानपुर के दीक्षांत समारोह में शहर की बेटी हुमैरा खातून सिद्दीकी ने भी जलवा बिखेर दिया। हुमैरा को मैटेरियल साइंस एंड इंजीनियरिंग ब्रांच से एमटेक टॉप करने के लिए बोगीनेनी चेनचु रामा नायडू गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
हुमैरा की काबिलियत देखते हुए जर्मनी की दरमस्टाद यूनिवर्सिटी ने उन्हें अपने यहां से पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप ऑफर की है। जल्द ही हुमैरा जर्मनी में शोध करने जाएंगी। एचएएल कॉलोनी, रामादेवी की रहने वाली हुमैरा के पिता शब्बीर अहमद सिद्दीकी लेदर इंडस्ट्री में बतौर प्रोडक्शन मैनेजर कार्यरत हैं और मां कमरुन निशा गृहिणी हैं।
बीटेक में प्रदेश में था दूसरा स्थान
हुमैरा खातून बचपन से ही पढ़ाई में तेज हैं। 2010 में उन्होंने दसवीं में 10 सीजीपीए और फिर 2012 में 92.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटेक बाबू बनारसी दास इंजीनियरिंग कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग में किया। इसमें हुमैरा को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था।
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हुमैरा की काबिलियत देखते हुए जर्मनी की दरमस्टाद यूनिवर्सिटी ने उन्हें अपने यहां से पीएचडी करने के लिए स्कॉलरशिप ऑफर की है। जल्द ही हुमैरा जर्मनी में शोध करने जाएंगी। एचएएल कॉलोनी, रामादेवी की रहने वाली हुमैरा के पिता शब्बीर अहमद सिद्दीकी लेदर इंडस्ट्री में बतौर प्रोडक्शन मैनेजर कार्यरत हैं और मां कमरुन निशा गृहिणी हैं।
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बीटेक में प्रदेश में था दूसरा स्थान
हुमैरा खातून बचपन से ही पढ़ाई में तेज हैं। 2010 में उन्होंने दसवीं में 10 सीजीपीए और फिर 2012 में 92.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटेक बाबू बनारसी दास इंजीनियरिंग कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग में किया। इसमें हुमैरा को प्रदेश में दूसरा स्थान मिला था।
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