जियो जी भर के: यारबाजी, खुशमिजाजी में कनपुरिया देश में नंबर वन, इस सूची में शामिल होने वाला भारत का इकलौता शहर
विश्व प्रसन्नता दिवस पर 17 मार्च को जो विश्व के सबसे प्रसन्न (हैप्पीएस्ट) शहरों की सूची जारी हुई है, उनमें कानपुर ने अपना स्थान बनाया है। पूरी दुनिया में यारबाजी (फ्रेंडशिप) में कानपुर नवें स्थान पर है और खुश मिजाजी (हैप्पीएस्ट) में 11वें स्थान पर है।
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कनपुरियों को मस्त-मौलापन, खुश मिजाजी, यारबाजी और फक्कड़पन के लिए तो बहुत पहले से जाना जाता है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क की रिपोर्ट ने भी इस पर मुहर लगा दी है। विश्व प्रसन्नता दिवस पर 17 मार्च को जो विश्व के सबसे प्रसन्न (हैप्पीएस्ट) शहरों की सूची जारी हुई है, उनमें कानपुर ने अपना स्थान बनाया है।
पूरी दुनिया में यारबाजी (फ्रेंडशिप) में कानपुर नवें स्थान पर है और खुश मिजाजी (हैप्पीएस्ट) में 11वें स्थान पर है। कानपुर देश का इकलौता शहर है जिसे इस सूची में शामिल किया गया। सूची तैयार करने में नेटवर्क की टीम ने विभिन्न संकेतकों पर काम किया था। लोगों का कहना है कि कानपुर के बारे में यह कहा जाता है कि यहां खाना इतना सस्ता होता है कि कोई भूखा नहीं सोता। कहीं खाने की प्लेट एक हजार रुपये की है तो कहीं 20 रुपये की भी है।
साथ ही कनपुरिया भंडारा करने में तो आगे हैं ही। संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क की रिपोर्ट तैयार करने में कॉस्ट ऑफ लिविंग को भी रखा था। रिपोर्ट में बताया गया कि सूची में शामिल विश्व के 40 शहरों में कानपुर में रहना और खाना सबसे सस्ता है। इस संबंध में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. अवध दुबे का कहना है कि कानपुर में मोहब्बत है, सामूहिकता की भावना है। साथ ही कनपुरियों का अलमस्त रहने का मिजाज है। एक उदाहरण भी दिया और बताया कि कनाडा के डॉ. एरन यहां आते हैं। यहां के माहौल से इतने प्रभावित हुए कि अपना नाम एरन की जगह अरुन (अरुण) रख लिया।
- समृद्ध विरासत
- स्वादिष्ट भोजन
- खूबसूरत पार्क
- मस्त-मौला रात्रि जीवन
- अच्छे बाजार
- सस्ता रहन-सहन
- औसत जीवन अवधि 70.42 वर्ष
- दिन में अधिक उजाला अवधि