फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur World Bamboo Day connection with bamboo remains after last breath Forest Institute developed 10 species

World Bamboo Day: अंतिम सांस के बाद भी रहता बांस से रिश्ता, वन अनुसंधान संस्थान ने विकसित की हैं 10 प्रजातियां

Thu, 18 Sep 2025 04:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी आदर्श त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर
आदर्श त्रिपाठी, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 18 Sep 2025 04:00 PM IST
सार

Kanpur News: एफआरआई के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक लाख बांस के पौधे तैयार किए हैं। ये पौधे शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा रहे हैं। जनपद के किसानों को भी बांस की खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है।

विज्ञापन
Kanpur World Bamboo Day connection with bamboo remains after last breath Forest Institute developed 10 species
संस्थान में बांस के बारे में जानकारी देते अधिकारी - फोटो : amar ujala

विस्तार

बांस का मानव जीवन के साथ अटूट रिश्ता है। जीवन भर विभिन्न कामों में आने वाला बांस हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के दौरान भी सहारा देता है। शहर की वायु गुणवत्ता सुधार में भी बांस महती भूमिका निभा रहा है। बांस अन्य पेड़ों की तुलना में लगभग 35 फीसदी अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है और प्रति हेक्टेयर लगभग 12 टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित कर सकता है। इसलिए राज्य वन अनुसंधान संस्थान ने शहर के विभिन्न हिस्सों में एक लाख पौधे रोपित करने शुरू कर दिए हैं। बीते दिनों ही वायु गुणवत्ता सुधार के लिए शहर को पांचवां स्थान मिला है।

विज्ञापन

बांस के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 18 सितंबर को विश्व बांस दिवस मनाया जाता है। इसके औषधीय और अन्य उपयोगों को मान्यता देते हुए विश्व बांस संगठन (डब्ल्यूबीओ) ने इसके संरक्षण को बढ़ावा और उपयोग पर जोर देने के लिए इस दिवस की शुरुआत की। इसकी शुरुआत 2009 में बैंकॉक में विश्व बांस कांग्रेस के दौरान कामेश सलाम द्वारा की गई थी। विश्व बांस संगठन हर साल विश्व बांस दिवस के लिए एक अनूठी थीम निर्धारित करता है। इस साल अगली पीढ़ी का बांस: समाधान, नवाचार और डिजाइन है। इसका उद्देश्य बांस रचनात्मक उपयोग को प्रेरित करना है।

विज्ञापन

Kanpur World Bamboo Day connection with bamboo remains after last breath Forest Institute developed 10 species
वन अनुसंधान संस्थान में लगी बांस की प्रजाति - फोटो : amar ujala

बड़े काम का बांस
वन अनुसंधान संस्थान के प्रभारी क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित कुमार वर्मा ने बताया कि बांस के पौधे वायु प्रदूषण को कम करने और मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करते हैं। निर्माण कार्यों में मचान, गांवों में घर और झोपड़ियां, घरों और होटलों में फर्नीचर, विभाजन पैनल, टोकरी, पंखे, अन्य सजावटी वस्तुओं और मेलों में पंडाल, बैरीकेडिंग को बनाने के लिए बांस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के लिए अर्थी बनाने में बांस का उपयोग किया जाता है। शहर में अगरबत्ती बनाने के लिए बांस की छड़ें एक महत्वपूर्ण कच्चा माल हैं। यहां से कन्नौज तक इनकी सप्लाई होती है। शहर की बांस मंडी इन सभी कार्यों के लिए बांस की आपूर्ति का एक प्रमुख केंद्र है।

विज्ञापन

Kanpur World Bamboo Day connection with bamboo remains after last breath Forest Institute developed 10 species
वन अनुसंधान संस्थान में लगी बांस की प्रजाति - फोटो : amar ujala

किसानों का भी करें जागरूक
जनपद में बांस का रोपण काफी लोकप्रिय हो रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत 37 जिलों में बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार और संस्थानों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें कानपुर भी शामिल है। जीटी रोड स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक लाख बांस के पौधे तैयार किए हैं। ये पौधे शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा रहे हैं। जनपद के किसानों को भी बांस की खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed